वाशिंगटन, 18 मई (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को निशाना बनाकर सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किये गये एक नक्शे से दोनों देशों के बीच फिर से जुबानी जंग तेज हो गयी है। पश्चिमी एशिया के इस नक्शे पर अमेरिकी झंडा लगा हुआ था और कई दिशाओं से लाल रंग के तीर ईरान की तरफ इशारा कर रहे थे। श्री ट्रंप द्वारा अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किये गये नक्शे के साथ हालांकि कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया था, लेकिन इस दृश्य को रणनीतिक दबाव बनाने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इसमें कई लाल तीर ईरान की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं, जिसका सीधा मतलब ईरान को चारों तरफ से घेरने का संकेत देना है।
यह भड़काऊ तस्वीर ट्रंप द्वारा रविवार को ट्रुथ सोशल पर साझा किए गए एक संदेश के बाद आई है, जिसमें उन्होंने लिखा था कि ईरान के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। उन्हें बहुत तेजी से कदम बढ़ाने होंगे, वरना उनका वजूद ही नहीं बचेगा। उन्होंने जोर देकर कहा था कि समय बहुत कम है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका समर्थित शांति प्रस्ताव अधर में लटका हुआ है और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, श्री ट्रंप ने रविवार शाम को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात करने के तुरंत बाद यह पोस्ट साझा की। दोनों नेताओं ने अपनी बातचीत में ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने की संभावना और श्री ट्रंप की हालिया चीन यात्रा पर चर्चा की। ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जो सात अप्रैल से लागू एक नाजुक युद्धविराम के सहारे थमा हुआ है। हालांकि, शांति वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं हो सकी है।इस युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य की पूरी तरह से नाकेबंदी हो गई है, जहाँ से आम दिनों में दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता था।
पाकिस्तान में 12 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच हुई पहले दौर की बातचीत में कोई सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के जरिए दोनों देशों के बीच कई और प्रस्तावों का आदान-प्रदान हुआ। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिका ने रविवार (17 मई) को ईरान के सामने दुश्मनी खत्म करने और बातचीत को दोबारा शुरू करने के लिए एक नया पांच सूत्रीय प्रस्ताव रखा है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका की शर्तों में यह शामिल है कि ईरान अमेरिका से युद्ध के नुकसान की भरपाई और मुआवजे की अपनी मांग छोड़ दे, 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे और अपने परमाणु बुनियादी ढांचे पर प्रतिबंधों को स्वीकार करे। रिपोर्ट के अनुसार, इस नए ढांचे के तहत ईरान को केवल एक परमाणु केंद्र संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। अमेरिका ने विदेशों में फ्रीज की गयी ईरान की 25 प्रतिशत संपत्ति को मुक्त करने की ईरान की मांग को भी खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव के तहत सैन्य कार्रवाई को स्थायी रूप से रोकना इस बात पर निर्भर करेगा कि बातचीत का नतीजा क्या निकलता है और क्या ईरान इन शर्तों को स्वीकार करता है।

