वाशिंगटन, 31 जुलाई (वार्ता) अमेरिका ने पाकिस्तान के तेल भंडार के विकास में सहयोग के लिए एक नया समझौता किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर बुधवार रात इस समझौते की घोषणा की।
श्री ट्रम्प ने लिखा कि पाकिस्तान से एक नये व्यापार ढांचे को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसका मकसद पाकिस्तान के अप्रयुक्त तेल भंडार विकसित करना और टैरिफ घटाना है। इस काम के लिए अमेरिकी तेल कंपनी का चयन अभी नहीं हुआ है। यह कंपनी पाकिस्तान के ‘विशाल तेल भंडार’ के विकास का काम करेगी।
श्री ट्रम्प ने लिखा, “ हमने अभी-अभी पाकिस्तान के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत पाकिस्तान और अमेरिका अपने विशाल तेल भंडार को विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।” उन्होंने कहा, “ हम उस तेल कंपनी को चुनने की प्रक्रिया में हैं, जो इस साझेदारी का नेतृत्व करेगी। कौन जाने, शायद वे किसी दिन भारत को तेल बेचेंगे!”
यहां पहुंचे पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगज़ेब ने टैरिफ़ समझौते पर अंतिम चरण की बातचीत की। पाकिस्तानी मीडिया द डॉन, के मुताबिक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल बातचीत का ब्यौरा तो नहीं दिया, लेकिन एक अधिकारी ने कहा कि आशा है कि एक अगस्त की समय सीमा खत्म होने से पहले समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
विदित हो कि श्री ट्रम्प ने अमेरिका-पाकिस्तान समझौते पर यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब उन्होंने एक अगस्त से भारत से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ और अतिरिक्त जुर्माने का ऐलान किया। उन्होंने भारत से अमेरिका के व्यापार घाटे और भारत के रूसी तेल की निरंतर खरीद को इस कदम की खास वजह बताया।
श्री ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने कई देशों के नेताओं से बात की है और ये सभी अमेरिका को ‘बेहद खुश’ करना चाहते हैं। वह दक्षिण कोरियाई व्यापार प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे। उन्होंने कहा, “ दक्षिण कोरिया पर अभी 25 प्रतिशत टैरिफ है, लेकिन वे टैरिफ कम करवाना चाहते हैं। कुछ अन्य देश भी टैरिफ में कमी के प्रस्ताव दे रहे हैं। इससे हमारे व्यापार घाटे को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।”

