स्वास्थ्य के लिए बनायी गयी है व्यापक नीति, हर क्षेत्र का रखा गया है ध्यान: नड्डा

नयी दिल्ली 19 मार्च (वार्ता) केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने मोदी सरकार द्वारा देश को तपेदिक मुक्त बनाने के लिए किये जा रहे उपायों का उल्लेख करते हुये बुधवार को राज्यसभा में कहा कि इस सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए नयी स्वास्थ्य नीति बनायी है जो समग्र और व्यापक होने के साथ ही स्वास्थ्य से जुड़े हर क्षेत्र को ध्यान में रखा गया है।

श्री नड्डा ने सदन में उनके मंत्रालय के कामकाज पर हुयी चर्चा का जबाव देते हुये कहा कि इस चर्चा में 37 सदस्यों ने भाग लिया और कई सदस्यों ने अंतिम मील कनेक्टिविटी और जमीनी स्तर पर डिलीवरी के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि चूंकि राज्य एक स्वास्थ्य विषय है, इसलिए कार्यान्वयन राज्य सरकार के हाथ में है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की भूमिका वित्तीय और तकनीकी सहायता, नीति-निर्माण और योजना, अनुसंधान और विकास और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए हाथ पकड़ना है।

उन्होंने कहा कि यह अंतर करने की जरूरत है कि कुछ क्यों नहीं हो रहा है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जबकि पहले की स्वास्थ्य नीतियों का फोकस उपचारात्मक था, 2017 में पेश की गई स्वास्थ्य नीति एक व्यापक नीति है, जिसमें अन्य तत्व जैसे कि उपशामक, उपचारात्मक, पुनर्वास, निवारक आदि शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न प्रकार की दवाओं का अब एकीकृत तरीके से उपयोग किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में 14 प्रकार के जांच (निदान) उपलब्ध कराए जाने हैं और सांसदों से अनुरोध है कि वे यह जांच करें कि क्या ये सभी उनके स्थानीय उप-स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध हैं, क्योंकि सरकार ने इसके लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 63 प्रकार के निदान उपलब्ध होने चाहिए, सीएफसी में 97 निदान उपलब्ध होने चाहिए, जबकि सभी जिला अस्पतालों को 111 निदान करने चाहिए। उनका कहना है कि सरकार ने इनमें से प्रत्येक केंद्र में एक निश्चित संख्या में दवाइयाँ उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया है और जिला अस्पतालों में 382 दवायें रखना आवश्यक है।

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