
संजय बाजपेई धार। शहर धार में स्थित भोजशाला को लेकर पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के बाद आज एक नया इतिहास रचा गया।
नई व्यवस्था के तहत अब हिंदू समाज को बिना किसी रोक-टोक के साल के 365 दिन पूजा करने का अधिकार मिल गया है। रविवार सुबह सूर्योदय होते ही हिंदू समाज और भोज उत्सव समिति के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भोजशाला परिसर पहुंचे। भोज समिति के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी (देवी सरस्वती) का भव्य तैल चित्र लेकर परिसर में प्रवेश किया। भोजशाला में प्रवेश करते ही सबसे पहले सनातन परंपरा के अनुसार पूरे परिसर को गो-मूत्र छिड़ककर शुद्ध किया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई।
आकर्षक रंगोली और अखंड ज्योत की स्थापना
इस विशेष अवसर के लिए भोजशाला के गर्भगृह को रंग-बिरंगी और आकर्षक रंगोलियों से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया गया था। एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भोजशाला परिसर के बाहर स्थित ज्योति मंदिर की ‘अखंड ज्योत’ को भी पूरे सम्मान के साथ गर्भगृह के भीतर लाकर स्थापित कर दिया गया। मां वाग्देवी के चित्र की स्थापना के दौरान वहां मौजूद जनसैलाब का उत्साह देखते ही बनता था। परिसर “जय श्री राम” और “मां वाग्देवी की जय” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस ऐतिहासिक पल की खुशी में महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक नृत्य कर अपनी प्रसन्नता जाहिर की।
प्रशासनिक अमला भी मुस्तैद
इस धार्मिक अनुष्ठान की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और एसपी सचिन शर्मा खुद सुबह से ही मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने न केवल सुरक्षा और कानून व्यवस्था का जायजा लिया, बल्कि खुद भी पूजन प्रक्रिया में शामिल होकर मां वाग्देवी की आराधना की। भोज उत्सव समिति के महामंत्री सुमित चौधरी के अनुसार, सुबह से शुरू हुआ देवी अनुष्ठान और शुद्धिकरण का कार्य निरंतर जारी है। दोपहर ठीक 11:45 बजे हिंदू समाज की ओर से एक भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे।
उल्लंघन करने पर होगी कार्यवाई
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है। सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। जिसमें संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर स्थायी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के वाहन लगातार क्षेत्र में गश्त (पेट्रोलिंग) कर रहे हैं। इलाके की ऊंची इमारतों पर भी पुलिस जवानों को तैनात किया गया है, ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। सभी आम नागरिकों से अपील है कि वे आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखें। प्रशासन नियमों का पालन कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है या शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फहराया ध्वज
महाआरती के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ध्वजारोहण के लिए भोजशाला के गुंबद की ओर गईं, लेकिन गुंबद पर सुरक्षा के लिहाज से कांटेदार तार लगे होने के कारण मंत्री ठाकुर ने सीढ़ियों पर लगे दरवाजे पर ही ध्वज की पूजा-अर्चना कर ध्वजारोहण किया। मंत्री सावित्री ठाकुर के अनुसार किसी भी मंदिर के शिखर पर ध्वज लगाना महत्वपूर्ण होता है, लेकिन कांटेदार तारों के कारण हमने छत की ओर जाने वाले गेट पर ध्वज फहराया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले शुक्रवार के दिन यहां तनाव की स्थिति रहती थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है और श्रद्धालु कभी भी दर्शन कर सकते हैं।
