कान्स, 17 मई (वार्ता) दिवंगत निर्देशक जॉन अब्राहम की 1986 की प्रशंसित मलयालम फिल्म ‘अम्मा एरियन’ के नवीनीकृत संस्करण का प्रीमियर 79वें कान्स फिल्म महोत्सव के ‘कान्स क्लासिक्स’ सेक्शन में शनिवार को संपन्न हुआ। दिवंगत अब्राहम अपनी ‘अग्रहरथिल कजुताई’ (ब्राह्मण गांव में गधा), विद्यार्थीकले इथिले इथिले (इस तरह, विद्यार्थी ) और चेरियाचांते क्रूराकृतिंगल (चेरियाचन की क्रूरता) जैसे क्लासिक फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उनकी मौत 1987 में ‘अम्मा एरियन’ के एक साल बाद हुई। ‘अम्मा एरियन’ के प्रमुख अभिनेता जॉय मैथ्यू फिल्म के प्रीमियर पर मौजूद थे। कान्स फिल्म महोत्सव के प्रतिनिधि थिएरी फ्रेमॉक्स ने कहा, “भारत एक महान देश है और सिनेमा का वह एक महान क्षेत्र है। यह सिनेमा के इतिहास को फिर से देखने के लिए भी एक महान क्षेत्र है।” इसने प्रीमियर में अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को फिल्म दिखाई। फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के निदेशक शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर ने कहा, “इस फिल्म ने मुझे और भी हैरान, कुंठित कर दिया और मैं चाहता था कि मैं एक फिल्म निर्माता बनूं, सड़क पर उतरूं और एक आंदोलन का हिस्सा बनूं। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहां से शुरू करना चाहते हैं लेकिन आपको सवाल करना आना चाहिए।”
श्री जॉय मैथ्यू ने कहा, “फिल्म की कहानी केरल में नक्सली आंदोलन पर आधारित है। बतौर अभिनेता यह मेरी पहली फिल्म थी।” उन्होंने कहा, “हम एक समूह के तौर पर इकट्ठा हुए थे। आम लोगों से दो रुपये से लेकर 20 रुपये और 50 रुपये तक इकट्ठा किए थे। पर्दे पर दिखने वाले अधिकतर लोग आज हमारे बीच नहीं हैं। उनमें से कुछ बचे हुए हैं लेकिन पर्दे पर दिखने वाले ये सभी लोग 40 साल बाद फिल्म की वजह से ऐतिहासिक मिथक बन गए हैं।” उल्लेखनीय है कि कैगे की ‘फेयरवेल माई कॉन्क्यूबाइन’, डी सिका की ‘टू वीमेन’, विस्कॉन्टी की ‘द इनोसेंट’, कुरोसावा की ‘सुगाता संशिरो’ और वेल्स की ‘द स्ट्रेंजर’ भी इस साल कान्स क्लासिक्स सेक्शन का हिस्सा हैं। ‘अम्मा अरियन’ कान्स क्लासिक्स सेक्शन में भारतीय सिनेमा के लिए लगातार पांचवां साल है। सत्यजीत रे की 1970 की फिल्म, ‘अरण्येर दिन रात्रि’, पिछले साल कान्स क्लासिक्स का हिस्सा थी। ‘अरण्येर दिन रात्रि’ को कान्स के दर्शकों के सामने अमेरिकी फिल्म निर्माता वेस एंडरसन ने पेश किया, जो खुद को रे का फैन मानते हैं। इस मौके पर फिल्म की अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और सिमी ग्रेवाल भी मौजूद थीं। वर्ष 2024 में श्याम बेनेगल की हिंदी फिल्म ‘मंथन’, 2023 में अरिबम श्याम शर्मा की मणिपुरी फिल्म ‘इशानौ’ और रे की 1970 की फिल्म ‘प्रतिद्वंद्वी’ और जी अरविंदन की 1978 की मलयालम फिल्म ‘थंपू’ 2022 में कान्स क्लासिक्स का हिस्सा थीं। ‘अम्मा एरियन’ की संपादक बीना पॉल भी फिल्म के प्रीमियर के मौके पर मौजूद थीं।

