मंदसौर: इस्लामी माह मोहर्रम की 8 तारीख को शहर के नई आबादी क्षेत्र में ताज़ियों का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस अवसर पर नई आबादी, संजीत नाका, पल्ली झोपड़ी, नाहर सैयद, नूर कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी और अभिनंदन कॉलोनी के ताज़िए एकत्रित होकर मरकज़ी जुलूस का हिस्सा बने।अज़ादारों की भारी भीड़ के साथ निकले इस जुलूस में हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया गया।
सादिक शेख ने बताया कि यह महीना सब्र, कुर्बानी और इंसाफ के लिए खड़े होने का पैग़ाम देता है। जुलूस मार्ग में कव्वालियों की सदा गूंजी और सबीलों-लंगरों के माध्यम से तबर्रुक और पानी की सेवा की गई।इस मौके पर मजलिसों और तकरीरों के जरिए करबला की कुर्बानी का संदेश दिया गया—कि मोहर्रम सिर्फ मज़हबी रस्म नहीं, बल्कि इंसाफ के लिए हर कुर्बानी देने की सीख है।
