जबलपुर:करोड़ों की धोखाधड़ी के प्रकरणों में नागपुर से गिरफ्तार किए गए चिटलर अमित खम्परिया को पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया था। इस दौरान उससे लंबी पूछताछ हुई। धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेजों और पीडि़तों को डराने, धमकाने में इस्तेमाल किए गए आम्र्स की बरामदगी के लिए उसके पुराने ऑफिस में सर्चिंग के बाद सतना तक छापेमारी हुई लेकिन बदूकें जब्त नहीं हो पाई। मंगलवार को रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने पुन: उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया और पुन: कोर्ट से उसकी रिमांड की डिमांड की। जिस पर न्यायालय ने आरोपी को एक दिन की और रिमांड और पुलिस को सौंप दिया है।
सतना में चली बाउंसर से पूछताछ, आर्म्स नहीं मिले
अमित खम्परिया का पुराना बाउंसर मनोज पांडे था। जिसकी तलाश में पुलिस सतना पहुंची। पुलिस को उम्मीद थी कि फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेजों एवं डराने धमकाने में इस्तेमाल किए गए लाइसेंसी आर्म्स मनोज के पास मिल सकते है। पुलिस ने बाउंसर से पूछताछ की। सर्चिंग की परंतु आर्म्स नहीं मिले। पूछताछ में उसने बताया कि वे अमित का 2008 से 2020 तक बाउंसर था। उसके पास हथियार नहीं है।
लाइसेंस निरस्त, हथियार जमा नहीं, बढ़ेगी धारा
अमित पर जब अपराध दर्ज हुए तो अनुपपुर एसडीएम द्वारा उसके आर्म्स लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। अमित को हथियार जमा कराने थे लेकिन उसने ऐसा नहीं किया और फरार हो गया। आर्म्स लाइसेंस रद्द होने के बाद जो हथियार पूर्व में लाइसेंसी थे वे अवैध हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रकरण में धाराएं बढ़ानी की तैयारी है।
दस्तावेज जब्त, पुराने घर में दबिश
फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेज जब्त हुए गए है। पुलिस की टीम ने अमित के ग्वारीघाट वाले पुराने घर में भी दबिश दी है। जहां भी सर्चिंग की गई देर रात तक कुछ नहीं मिला था। इसके अलावा उसके अन्य ठिकानों के भी पुलिस दबिश देने की तैयारी में है। इसके अलावा करीबियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस को गुमराह कर रहा
अमित पर अवैध उत्खनन, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत अमित खम्परिया के खिलाफ कुल 17 अपराध दर्ज है। वह पुलिस रिमांड के दौरान पुलिस को गुमराह कर रहा है। पूछताछ के दौरान वे कभी चुप्पी साध रहा है तो कभी गोलमोल जवाब दे रहा है जिसके चलते अब तक आर्म्स जब्त नहीं हो सके है।
इनका कहना है
अमित खम्परिया की रिमांड खत्म होने पर पुन: उसे कोर्ट में पेश कर एक दिन की और रिमांड पर लिया गया है। सतना व ग्वारीघाट में दबिश दी गई थी आर्म्स नहीं मिले है। दस्तावेज जरूर जब्त किए गए है। पूछताछ जारी है।
दिनेश गौतम, उप निरीक्षक
