रीवा:जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल की अध्यक्षता में जिला पंचायत रीवा की सामान्य सभा की बैठक पहली बार सदस्यों के विशेष मांग पर मऊगंज में हुई. जहा पेयजल की समस्या पर सदस्यों ने सवाल उठाया.कलेक्टर सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती नीता कोल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ फेज-4 के तहत 304 ग्रामों एवं मुख्यमंत्री मजराटोला सडक़ योजना अन्तर्गत 1320 ग्रामों के सडक़ निर्माण का सामान्य सभा में अनुमोदन किया गया.
अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि रीवा एवं मऊगंज जिले में ऐसे बहुत से गांव व मजरे टोले थे जो बारहमासी सडक़ों के संपर्क से दूर थे और यहां के ग्रामीणों को आवागमन में काफी असुविधा का सामना करना पड़ता था. भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ के फेज क्रं.4 के अन्तर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप रीवा जिले के 304 गांवों का चयन प्राथमिकता क्रम में किया गया है जिसमें 550 किलोमीटर सडकों का निर्माण होगा.
इसी तरह मुख्यमंत्री मजरा टोला सडक़ योजना के अन्तर्गत कुल 1320 गांवो में 1034 किलोमीटर सडक़ों का निर्माण का अनुमोदन बैठक में किया गया जिसकी वित्तीय स्वीकृत भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी. बैठक में सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, उप मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि राजेश पाण्डेय सहित जिला पंचायत सदस्य के. डी. शुक्ला, देवेन्द्र शुक्ला, आशीष रामलाल पटेल, मृत्युन्जय मिश्रा, अनीता सुमन, गीता मांझी मौजूद रही.
सदस्यों ने बताया क्षेत्र के हैण्डपम्प बंद है
बैठक के दौरान सदस्यों ने पेयजल की स्थित से अवगत कराया. मऊगंज, हनुमना, नईगढ़ी, त्योथर विकासखण्डों के पेयजल योजना की समीक्षा भी की गई जिसमें सदस्यों द्वारा बताया गया मऊगंज एवं हनुमना विकासखण्ड अन्तर्गत ग्रामों में कम गहराई बाले हैण्डपम्प बंद हो रहे हैं, एकल योजना से जो टंकिया बनी है उनका संचालन नहीं किया जा रहा है. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल जीवन मिशन को निर्देशित किया गया कि आगामी गर्मी में पानी की समस्या को देखते हुए सभी एकल योजनाओं को चालू किया जाय. जिन बसाहटो में हैण्ड पम्प सूख गये हैं उनकी सूची तैयार कर कलेक्टर मऊगंज को सौपी जाय ताकि परिवहन की व्यवस्था हो सके.
