
सागर। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन पर आयोजित रक्तदान शिविर की सफलता इतिहास बनाने की ओर अग्रसर है। 12 वर्षों से यहां जिस उत्साह से रक्तदान होता है उसे देखते हुए लगता है कि भूपेंद्र सिंह जी का जन्मदिन बुंदेलखंड का रक्तदान दिवस घोषित कर दिया जाना चाहिए। यह उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सागर विभाग संघ चालक, वरिष्ठ चिकित्सक डा जीएस चौबे ने यहां आयोजित चार दिवसीय रक्तदान शिविर का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किए।
डॉक्टर चौबे ने कहा कि 400 साल पहले पहली बार मनुष्य को भेड़ का रक्त चढ़ाया गया था। सन् 1900 में रक्त को चार ग्रुपों में विभाजित किया गया। 1945 में उपेंद्र ने विश्वयुद्ध के समय एक लाख यूनिट रक्त संग्रहीत करने का सोचा था। विश्व के 60 देशों में पूरी जनसंख्या के लोग रक्तदान करते हैं। भारत में सिर्फ तीन प्रदेश त्रिपुरा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल ही ऐसे हैं जहां रक्तदान की स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ मनुष्य एक साल में 4 बार सहजता से रक्तदान कर सकता है। यह जो संकल्प और जागृति सागर में शुरू हुई है वह निरंतर चलती रहे और जल्दी ही 1 लाख 13 हजार यूनिट का लक्ष्य भी शीघ्रता से पार करे शुभारंभ कार्यक्रम के अध्यक्ष निरंकारी संत नारायण दास ने कहा कि ष्ममानव को हो मानव प्यारा, इक दूजे का बने सहारा ऐसा गुरुओं का संदेश है। रक्तदान शिविर मानवता की भलाई के लिए किये जाते हैं। आज जब मानव मानव के लहू का प्यासा हो रहा है ऐसे में गुरुओं की शिक्षा है कि रक्त नालियों में नहीं नाड़ियों में बहना चाहिए। उन्होंने बताया कि निरंकारी मिशन ने वर्ष 1986 से रक्तदान शिविरों का अभियान शुरू किया था। अपने शिविरों से आज तक निरंकारी मिशन ने 15 लाख यूनिट ब्लड सरकारी चिकित्सा संस्थानों को उपलब्ध कराया ।
पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि आप सबका मानवता के इस महायज्ञ में हृदय से अभिनंदन है। यह महायज्ञ अधिक से अधिक लोगों को जीवनदान देने का काम करेगा। युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि ब्लड हमारे शरीर में जीवन का संचार करता है। 11 वर्षों में निरंतर आयोजित किया जा रहे रक्तदान शिविरों में हमने 13112 यूनिट ब्लड एकत्रित कर सरकारी चिकित्सा संस्थानों को भेंट किया है जिससे लगभग 30000 से ज्यादा लोगों का जीवन बचाया जा सका। उन्होंने बताया कि देश में हर साल 1 करोड़ यूनिट ब्लड की जरूरत होती है उसमें से 75 लाख यूनिट ही उपलब्ध हो पाता है। यानि प्रतिवर्ष 25 लाख यूनिट रक्त कम पड़ जाता है। इससे लाखों परिवार जनों को जीवन भर दुखों और पीड़ाओं का सामना करना पड़ता है है। हमें रक्तदान को एक जन आंदोलन बनाना चाहिए और रक्तदान के लिए सबको प्रयास करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि सोशल मीडिया का सदुपयोग सोशल चेंज में किया जाना चाहिए। एक बार रक्तदान करने से कई चेहरों की मुस्कान सुरक्षित हो जाती है। सोशल मीडिया पर रक्तदान शिविर को प्रमोट करें। सोशल मीडिया से समाज में परिवर्तन भी आना चाहिए। रक्तदान की फोटो लोगों को टैग करें, अपनी स्टोरी में उनको टैग करें। हम ब्लड डोनेशन कैंप को अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल का हाईलाइट बनाएं। इस शिविर के पहले दिन चार दिवसीय रक्तदान शिविर के पहले दिन 298 रक्तदानी शिविर में पहुंचे। डा हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के छात्र ऋषिराज और बिलासपुर के छात्र करण जायसवाल ने शिविर में पहुंच कर रक्तदान किया। रजवांस के उन्नत कृषक अंकित जैन ने अपनी सात साल की बेटी अन्वेषा की जिज्ञासा का समाधान करने उसको साथ बैठा कर रक्तदान किया। शिविर में पहले दिन रक्तदान करने वालों में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने सूर्यांश और भतीजे रिशांक के साथ रक्तदान किया। पार्षद राजकुमार पटेल ने अपने चार पुत्रों के साथ रक्तदान किया। पहले ही दिन 12 महिलाओं ने रक्तदान किया है। इनमें महापौर के अलावा ओल्गा सिंह परिहार, श्रीमती सीमा गुप्ता ददरया, प्रियंका ठाकुर, दीक्षा पटेल, शिवानी घोषी, रुसाली तिवारी, शैलजा ताम्रकार, रीना रोहिताष, जसवंत चैबे, सोनल बरसैंया शामिल रहीं। क्षत्रिय महासभा जिला सागर के अध्यक्ष लखन सिंह , सत्यम सिंह बामोरा, प्रतीक चैकसे, शुभम घोसी, अंकित विश्वकर्मा, शरद जैन, खुरई से कांशीराम अहिरवार, मंडल अध्यक्षों राजपाल सिंह राजपूत, रविंद्र सिंह राजपूत, अरविंद सिंह लोधी रामछांयरी, मनीष जैन हुंडई शोरूम, पार्षद रामू ठेकेदार, योगेश खांडेकर, एडवोकेट राजेंद्र पटैरिया, अभिषेक सिंह गौर, पूर्व पार्षद बलराम घोषी, ओमप्रकाश सिंह बिलैया, रमन यादव, संतोष सिंह एडवोकेट, राकेश तिवारी, सुनील पटेल, रामेश्वर यादव, राजेश जैन जरुआखेड़ा, प्रतीक जैन खुरई, संजय विश्वकर्मा, पार्षद द्वारका गौड़, मयंक हजारी, केके सिंह गोरा, विनोद ठाकुर बीना, उमेश यादव, राजकुमार अहिरवार, सन्तोष तिवारी बम्होरी हुड्डा, संजीव श्रीवास्तव बंटी, चंद्रभान सिंह, प्रशांत राजपूत भैंसा, नूर मोहम्मद भेलैंयां, सुनील चैकसे, भागीरथ रैकवार, सोनू अहिरवार, केके गुर्जर, गैरेंद्र सिंह लोधी, अनिल शर्मा, आकाश वाल्मीकि , अरूण अहिरवार, कलू सेन, महेंद्र कुशवाहा, चुन्नी लाल कुशवाहा रक्तवीरों में शामिल रहे।
