सीहोर। चाणक्यपुरी निवासी सुनील चौहान एवं अनिल चौहान ने अपने पिता स्वर्गीय शिवराज सिंह चौहान के निधन के उपरांत नेत्रदान कराकर मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है. दु:ख की इस घड़ी में दोनों पुत्रों ने समाज को प्रेरणा देने वाला निर्णय लेते हुए स्वप्रेरणा से नेत्रदान कराने की इच्छा व्यक्त की. सिविल सर्जन डॉ यूके श्रीवास्तव ने बताया कि परिवार की सहमति के बाद गांधी मेडिकल कॉलेज के नेत्र बैंक की टीम द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर नेत्रदान संपन्न कराया गया. उन्होंने कहा कि नेत्रदान महादान है और इससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में फिर से रोशनी लाई जा सकती है. समाज में ऐसे उदाहरण लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
पिता के नेत्रदान कराकर दिया मानवता का संदेश
