जमीन मालिक नगर निगम, होटल चलाएगा पर्यटन निगम

उज्जैन. सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के साथ धार्मिक नगरी उज्जैन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. महाकाल मंदिर, महाकाल लोक और शहर की पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के बीच अब शहर के हृदयस्थल में स्थित ऐतिहासिक ग्रैंड होटल को नए और भव्य रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है.

नगर निगम द्वारा वर्षों से संचालित इस प्रतिष्ठित भवन का संचालन अब मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) को सौंपा जा रहा है. निगम ने इसके कायाकल्प, जीर्णोद्धार और आधुनिक सुविधाओं से युक्त विकास कार्यों के लिए निविदाएं भी जारी कर दी हैं.

 

ब्रिटिश कालीन इमारत

ब्रिटिशकालीन स्थापत्य शैली में निर्मित ग्रैंड होटल को उसकी मूल ऐतिहासिक पहचान के साथ संरक्षित रखते हुए हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जाएगा. इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और महाकाल भक्तों को एक ऐतिहासिक, आकर्षक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है. महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल लोक आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक विशेष ठहराव केंद्र बनेगा. साथ ही होटल के किराए को आम श्रद्धालुओं और मध्यम वर्ग की पहुंच में रखने का प्रयास किया जाएगा.

 

स्वामित्व नगर निगम के पास

ग्रैंड होटल की भूमि और भवन का स्वामित्व नगर निगम उज्जैन के पास ही रहेगा. पर्यटन विकास निगम केवल संचालन, रखरखाव और विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगा. होटल से प्राप्त होने वाली आय में नगर निगम की भी हिस्सेदारी तय की गई है. इस व्यवस्था से नगर निगम को नियमित राजस्व प्राप्त होगा और भवन की ऐतिहासिक गरिमा भी सुरक्षित रहेगी.

 

परिसर खाली कराने की कार्रवाई शुरू

नगर निगम ने ग्रैंड होटल परिसर में रखे विभागीय रिकॉर्ड, फर्नीचर और अन्य सामग्री को संबंधित विभागों में स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है. परिसर में स्थित सरकारी बंगले और आवास भी चरणबद्ध रूप से हटाए जाएंगे. यहां संचालित यूको बैंक शाखा को नगर निगम परिसर में स्थानांतरित किए जाने की तैयारी है. वर्षों से यहां आयोजित होने वाले शादी-विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों का स्थान अब पर्यटन गतिविधियां लेंगी.

 

तो भूमि वापस लेने का प्रावधान

प्रशासनिक आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में भूमि और भवन का उपयोग तय उद्देश्य के अनुरूप नहीं किया गया, तो आवंटन निरस्त कर संपत्ति पुनः शासन या नगर निगम के अधीन लाई जा सकेगी. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परियोजना समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरी हो.

 

आसपास की जमीन पर बनेगी योजना

केवल ग्रैंड होटल ही नहीं, बल्कि इसके आसपास की विस्तृत सरकारी भूमि के उपयोग पर भी गंभीर मंथन चल रहा है. इंदिरा गांधी चौराहे से फ्रीगंज ब्रिज के मुहाने तक तथा ग्रैंड होटल के मुख्य द्वार से टावर चौक के पीछे तक के क्षेत्र के लिए समग्र विकास योजना तैयार की जा रही है. वर्षों से हुए अवैध निर्माण, अतिक्रमण और सरकारी जमीन पर संचालित निजी गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है. इस क्षेत्र को पर्यटन, सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक सुविधाओं के दृष्टिकोण से विकसित किया जाएगा.

 

मजबूत होगी पर्यटन अधोसंरचना

सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार पर्यटन अधोसंरचना को तेजी से मजबूत कर रही है. ग्रैंड होटल का पुनर्विकास इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह परियोजना न केवल शहर में उच्च गुणवत्ता वाली आवासीय सुविधाएं बढ़ाएगी, बल्कि उज्जैन की ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान देकर धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगी.

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