द हेग 16 मई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि व्यापार और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ चर्चा की तथा उनसे भारत में निवेश करने का आह्वान किया।
उद्योग नेताओं ने तीन समूहों — सेमीकंडक्टर, प्रौद्योगिकी और नवाचार; अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स और समुद्री क्षेत्र; तथा स्थिरता, ऊर्जा और कृषि — पर प्रस्तुतियाँ दीं और भारत के लिए अपनी रणनीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
बैठक से पहले नीदरलैंड की एएसएमएल और भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच एक समझौते पर दोनों नेताओं की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने गुजरात के धोलेरा में भारत की पहली फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल के साझेदारी निर्णय का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार-से-व्यापार संबंधों की मजबूती का स्वागत किया और भारत की आर्थिक गतिशीलता में डच कंपनियों की बढ़ती रुचि की सराहना की। हाल के सुधारों और पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने व्यापार करने में सुगमता बढ़ाने तथा स्थिर, कुशल और पूर्वानुमेय नीतिगत वातावरण स्थापित करने के प्रयासों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने डच कंपनियों को विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में भारत में अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र क्रियान्वयन का आह्वान किया। यह मुक्त व्यापार समझौता भारत और यूरोपीय संघ को खुले बाजारों, समावेशी विकास और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं के प्रति प्रतिबद्ध विश्वसनीय साझेदारों के रूप में सुदृढ़ करता है।
उद्योग नेताओं ने भारत सरकार के सुधार एजेंडा की सराहना की और भारत के लिए अपनी भविष्य की योजनाएँ साझा कीं। उन्होंने भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के अवसरों की खोज में रुचि व्यक्त की।
