​देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: लाइसेंसधारी सिर्फ मोहरा, असली जिम्मेदारों को बेनकाब करे प्रशासन: कांग्रेस

देवास। टोंककला स्थित एबी रोड पर संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में कांग्रेस ने निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष चौधरी ने इस घटना को “मानवता को झकझोर देने वाला हादसा” बताते हुए कहा कि पूरे मामले में पर्दे के पीछे छिपे वास्तविक जिम्मेदारों और संरक्षण देने वाले लोगों को सामने लाया जाना चाहिए।

जिलाध्यक्ष चौधरी ने आरोप लगाया कि मीडिया में सामने आ रही खबरों से यह संकेत मिल रहा है कि फैक्ट्री के लाइसेंसधारी संचालक अनिल मालवीय केवल “मोहरा” हो सकते हैं, जबकि पूरे नेटवर्क के पीछे प्रभावशाली लोगों की भूमिका होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मामले के हर पहलू की पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।

कांग्रेस ने मृतक मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। चौधरी ने कहा कि यह घटना केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि कथित लापरवाही, अवैध संरक्षण और विस्फोटक सामग्री के अवैध कारोबार का गंभीर परिणाम प्रतीत होती है।

कांग्रेस ने फैक्ट्री संचालक की आर्थिक स्थिति और निवेश के स्रोतों की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पीपलरावां निवासी अनिल मालवीय ने अल्प समय में इतना बड़ा कारोबार कैसे खड़ा किया, इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

उन्होंने दावा किया कि पूर्व में भी संबंधित फैक्ट्री में आगजनी की घटनाएं हो चुकी थीं, बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि फैक्ट्री का लाइसेंस 31 मार्च 2026 तक वैध था, जबकि उसका नवीनीकरण 6 मई 2026 को किया गया। ऐसे में इस अवधि के दौरान फैक्ट्री संचालन किस आधार पर जारी रहा, इसकी जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस ने जांच एजेंसियों से यह पता लगाने की मांग की है कि फैक्ट्री परिसर में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में बारूद और पटाखा सामग्री कैसे संग्रहित की गई। साथ ही कथित राजनीतिक संरक्षण, आर्थिक नेटवर्क और चर्चित पटाखा कारोबारी मुकेश वीज से जुड़े संभावित संबंधों की भी जांच की मांग की गई है।

मनीष चौधरी ने कहा, “मौत के सौदागरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। जिन लोगों की लापरवाही या संरक्षण के कारण मजदूरों की जान गई है, उन्हें कानून के कठघरे तक पहुंचाना आवश्यक है।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और पुलिस समय रहते वास्तविक संचालकों, संरक्षण देने वाले प्रभावशाली लोगों और जिम्मेदार अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं करते हैं, तो कांग्रेस जनता के बीच जाकर आंदोलन करेगी।

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