RGPV के विभाजन और नाम बदलने के प्रस्ताव पर भड़के अजय सिंह, सरकार पर लगाया राजनीतिक दुर्भावना का आरोप

भोपाल। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विभाजन और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस कदम को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य कांग्रेस के दिवंगत नेता की विरासत को मिटाना है।

शनिवार को जारी बयान में अजय सिंह ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय को तीन अलग-अलग इकाइयों में बांटने के प्रस्ताव का शिक्षा व्यवस्था में सुधार या प्रशासनिक दक्षता से कोई लेना-देना नहीं है। उनके अनुसार, इस पूरी कवायद का वास्तविक उद्देश्य राजीव गांधी के नाम और उनकी पहचान को विश्वविद्यालय से हटाना है।

सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए राजीव गांधी ने देश में कंप्यूटर युग की शुरुआत की थी और डिजिटल परिवर्तन की मजबूत नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि तकनीक और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए ही विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा गया था।

भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय नेताओं को संकीर्ण राजनीतिक दृष्टिकोण से देखना दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि महापुरुषों के योगदान को मिटाने की कोशिश शासन नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध की मानसिकता को दर्शाती है।

अजय सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की जनता इस प्रस्ताव का हर स्तर पर विरोध करेगी।

Next Post

अब गाड़ी चलाना मुश्किल! भोपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों के खिलाफ महिला कांग्रेस का धक्कामार आंदोलन

Sat May 16 , 2026
भोपाल। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को राजधानी भोपाल में अनोखा प्रदर्शन किया। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नानके पेट्रोल पंप पर स्कूटी को धक्का लगाकर “धक्कामार आंदोलन” चलाया और केंद्र व राज्य […]

You May Like