चुनावी भाषणों को लेकर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज: बिधाननगर साइबर पुलिस ने की कार्रवाई, राजनीतिक गलियारों में मची हलचल

कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने उनके खिलाफ चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषण देने के आरोप में एक आपराधिक मामला (FIR) दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई राजीव सरकार नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता की लिखित शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने अपनी चुनावी रैलियों में ऐसे बयान दिए जिससे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्यता और फूट पैदा हो सकती है। शिकायत के साथ रैलियों के वीडियो साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए हैं, जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियां भी शामिल हैं।

बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की पांच गंभीर धाराओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act) के तहत मामला पंजीकृत किया है। दर्ज एफआईआर में धारा 196 के तहत विभिन्न समूहों के बीच नफरत और दुश्मनी फैलाने तथा धारा 351(2) के तहत आपराधिक धमकी व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के गंभीर आरोप शामिल हैं, जो कि गैर-जमानती (Non-Bailable) प्रकृति के हैं। इसके अलावा, समाज में अशांति फैलाने की नीयत से अफवाह और भ्रामक जानकारी साझा करने के लिए धारा 353(1)(c) और धारा 192 भी लगाई गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के शीर्ष संगठन में दूसरे सबसे बड़े नेता माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी के खिलाफ इस तरह का यह पहला बड़ा पुलिसिया मामला है।

इस हाई-प्रोफाइल एफआईआर के बाद पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। विपक्षी दलों का साफ कहना है कि चुनाव प्रचार के नाम पर भाषाई मर्यादा की सारी हदें पार की गईं, जिसके कारण यह कानूनी कदम उठाना बेहद जरूरी था। वहीं दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के खेमे ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित और एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा करार दिया है। हालांकि, इस पूरे कानूनी घटनाक्रम और अपने खिलाफ दर्ज हुए मामले को लेकर फिलहाल अभिषेक बनर्जी अथवा उनकी कानूनी टीम की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Next Post

मनी लाउंड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को मिली बड़ी राहत, कोर्ट ने दी जमानत: कहा- न्यायपालिका पर पूरा भरोसा, ईडी राजनीतिक दबाव में

Sat May 16 , 2026
नई दिल्ली | दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शिकोहपुर भूमि सौदे से जुड़े मनी लाउंड्रिंग के एक गंभीर मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को नियमित जमानत दे दी है। विशेष न्यायाधीश सुशांत चंगोट्रा की अदालत ने वाड्रा को 50 हजार रुपये के निजी […]

You May Like

मनोरंजन