
इंदौर।डेली कॉलेज सोसायटी के संविधान संशोधन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर दायर सभी याचिकाओं को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने खारिज कर दिया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद 21 मई 2026 को प्रस्तावित चुनाव कराने का रास्ता लगभग साफ हो गया है.
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ में हुई. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी हो, बैलेट पेपर जारी हो चुके हों और चुनाव की तारीख घोषित हो चुकी हो, तब अदालत इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करेगी.
ओडीए जय सिंह झाबुआ, विक्रम खंडेलवाल और संदीप पारेख की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दायर कर डेली कॉलेज सोसायटी के संविधान में किए गए संशोधनों, चुनाव कार्यक्रम और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से जुड़े मुद्दों पर आपत्ति जताई गई थी. याचिकाओं में संशोधित संविधान को रद्द करने, पुराने नियमों के अनुसार चुनाव कराने और वर्तमान चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई थी. डेली कॉलेज सोसायटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय कुमार आसूदानी और अधिवक्ता रक्षित आसूदानी ने कोर्ट में पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश चुनाव अधिकारी के रूप में नियुक्त हैं और बैलेट पेपर भी जारी किए जा चुके हैं. ऐसे में इस स्तर पर न्यायालय का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 40 के तहत वैकल्पिक कानूनी उपाय उपलब्ध हैं, इसलिए सीधे चुनाव प्रक्रिया रोकने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती.
सोसायटी के लिए राहत
हाईकोर्ट के इस निर्णय को डेली कॉलेज सोसायटी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. पिछले कई महीनों से संविधान संशोधन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद चल रहा था, लेकिन अब अदालत के फैसले के बाद चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होने की संभावना मजबूत हो गई है.
