भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर,मुस्लिम पक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट, हिंदू पक्ष ने लगाई कैविएट

इंदौर/धार। भोजशाला विवाद में हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पहुंचने की तैयारी में है. मुस्लिम पक्ष ने उच्चतम न्यायालय जाने का ऐलान किया है, वहीं हिंदू पक्ष ने संभावित अपील को देखते हुए पहले ही कैविएट दायर कर दी है, ताकि उनका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न हो सके. इधर फैसले के बाद धार स्थित भोजशाला परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर सतर्क नजर बनाए हुए है.

इसके पहले आज दोपहर में

धार की बहुचर्चित भोजशाला विवाद में हाईकोर्ट ने बड़ा और निर्णायक फैसला सुनाते हुए इसे वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर माना है. अदालत ने पूजा और नमाज से जुड़े पुराने आदेशों को निरस्त कर दिया है, वहीं अब इसके प्रबंधन को लेकर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और एएसआई पर छोड़ दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध पुरातात्विक साक्ष्य, ऐतिहासिक दस्तावेज और एएसआई की सर्वे रिपोर्ट से यह स्थल देवी सरस्वती का मंदिर और प्राचीन शिक्षा केंद्र साबित होता है.

शुक्रवार को दिए गए फैसले में हाईकोर्ट ने 2003 के एएसआई आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें हिंदुओं को पूजा की अनुमति नहीं दी गई थी और मुस्लिम पक्ष को नमाज पढ़ने की छूट दी गई थी. कोर्ट ने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और संरक्षित स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण सरकार की जिम्मेदारी है, साथ ही धार्मिक आस्था से जुड़े गर्भगृह और देव प्रतिमाओं का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए. अदालत ने केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को निर्देश दिए हैं कि वे भोजशाला के प्रबंधन को लेकर उचित व्यवस्था तय करें. साथ ही मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए वैकल्पिक भूमि के संबंध में सरकार से संपर्क करने की बात कही गई है. फैसले के बाद दोनों पक्षों की ओर से आगे की कानूनी रणनीति भी सामने आई है. मुस्लिम पक्ष ने निर्णय का सम्मान करते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है, वहीं जैन समाज ने भी अपने दावों को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख करने की तैयारी जताई है.

इधर, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भोजशाला परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को नियंत्रित किया गया है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था. उधर हिंदू पक्ष ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर कर अपील पर सुनवाई से पहले अपना पक्ष सुने जाने की मांग रखी है.

मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाएगा

धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और शोभा मेनन ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा था। अब फैसले की समीक्षा की जाएगी, इसके बाद मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाएगा ।

हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की

भोजशाला विवाद मामले में हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है। याचिकाकर्ता जितेंद्र सिंह विशेन की ओर से अधिवक्ता बरुण कुमार सिन्हा ने कैविएट दाखिल की। इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर किसी भी अपील पर हिंदू पक्ष को सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए।

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