
सीधी। जिले में राजस्व प्रशासन को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व विभाग के मूल दायित्वों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए और नागरिकों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी राजस्व न्यायालयों में प्रतिदिन नियमित सुनवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही 31 दिसंबर 2025 की स्थिति में जिन प्रकरणों का निर्णय हो चुका है, उनके अभिलेखों को तत्काल दुरुस्त कर रिकॉर्ड अद्यतन करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व अभिलेखों में शुद्धता और विश्वसनीयता बनी रहे।बैठक में राजस्व वसूली कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बकाया प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण शासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए वसूली कार्य में ठोस परिणाम दिखने चाहिए। अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई को लेकर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासकीय एवं सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रभावी और सतत अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं होगी। बैठक में अनुपयोगी एवं अप्रासंगिक रिकॉर्डों के विनष्टीकरण के लिए समिति गठित कर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए, ताकि अभिलेख प्रबंधन अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सके।
जिले के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर ने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उपयुक्त भूमि के चिन्हांकन एवं सीमांकन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निवेश और रोजगार सृजन के लिए भूमि संबंधी तैयारियां समय रहते पूरी की जानी चाहिए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने पेयजल व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं राजस्व अधिकारियों को मानसून पूर्व आवश्यक तैयारियों की समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव, सड़क क्षति, राहत प्रबंधन और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा गेहूं उपार्जन कार्य की नियमित निगरानी करने, किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने तथा उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय, उपखंड अधिकारी चुरहट विकास आनंद, सिहावल प्रिया पाठक, गोपद बनास राकेश शुक्ला, मझौली आरपी त्रिपाठी, कुसमी शैलेश द्विवेदी सहित जिले के समस्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
