नयी दिल्ली 15 मई (वार्ता) पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रही रस्साकशी के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान हमेशा होर्मुज़ की सुरक्षा के रक्षक के रूप में अपना ऐतिहासिक कर्तव्य निभाता रहेगा और होर्मुज सभी जहाजों के नौवहन के लिए खुला है लेकिन यह उन देशों के जहाजों के लिए यह बंद रहेगा जो ईरान के साथ युद्ध में हैं।
ब्रिक्स बैठक में भाग लेने यहां आये श्री अराघची ने शुक्रवार को यहां बैठक से इतर विदेश मंत्री डा एस जयशंकर के साथ वार्ता की।
बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ,” मेरे दोस्त डा जयशंकर के साथ सार्थक बातचीत में, क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की और स्पष्ट किया कि ईरान हमेशा होर्मुज़ की सुरक्षा के रक्षक के रूप में अपना ऐतिहासिक कर्तव्य निभाएगा। ईरान सभी मित्र देशों का एक विश्वसनीय भागीदार है, जो वाणिज्य की सुरक्षा पर भरोसा कर सकते हैं।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा ,” ईरान का अमेरिका के दबाव के खिलाफ प्रतिरोध कोई नई लड़ाई नहीं है। हम में से कई इसी घृणास्पद दबाव के हल्के भिन्न रूपों का सामना करते हैं। अब समय आ गया है कि हम संयुक्त रूप से आगे बढ़ें और स्पष्ट करें कि ऐसी प्रथाएं इतिहास के कचरा-डिब्बे में होनी चाहिए।”
बाद में उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में सवालों के जवाब में कहा कि होर्मुज सभी देशों के जहाजों के नौवहन के लिए खुला है केवल उन देशों को छोड़कर जो ईरान के साथ युद्ध में हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में टकराव समाप्त होने के बाद स्थिति सामान्य हो जायेगी।
डा जयशंकर ने भी एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने श्री अराघची के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
विदेश मंत्री ने कहा, ” आज सुबह दिल्ली में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची के साथ विस्तृत बातचीत हुई। पश्चिम एशिया की स्थिति और इसके प्रभावों पर चर्चा की। साथ ही आपसी रुचि के द्विपक्षीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।”
