
छतरपुर। जिले की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त लापरवाही को लेकर कलेक्टर पार्थ जैसवाल अब ‘एक्शन मोड’ में आ गए हैं। बोर्ड परीक्षाओं के निराशाजनक परिणामों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्ट्रेट में आयोजित मैराथन बैठक के दौरान उन्होंने लापरवाह प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकने, अतिथि शिक्षकों को ब्लैक लिस्ट करने और कई निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इन पर गिरी गाज: वेतन वृद्धि रुकी, निलंबन की तैयारी
कलेक्टर ने 10वीं और 12वीं के खराब परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों की समीक्षा करते हुए संस्था प्रमुखों पर सख्त कार्रवाई की है:
बमनौराकला: प्राचार्य की दो वेतन वृद्धि रोकने और अंग्रेजी शिक्षक के निलंबन का प्रस्ताव सागर कमिश्नर को भेजने के निर्देश।
वेतन में भारी कटौती: उत्कृष्ट विद्यालय राजनगर के प्राचार्य को मई माह का मात्र 20% और कन्या स्कूल बड़ामलहरा प्रमुख को 50% वेतन ही दिया जाएगा।
एक-एक इंक्रीमेंट रोका: बरेठी, बड़ामलहरा, ठकुर्रा, मउसहानियां, गौरिहार, रनगुवां और उत्कृष्ट स्कूल नौगांव के प्राचार्यों की एक-एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए गए।
लापरवाह अतिथि शिक्षक होंगे ‘ब्लैक लिस्ट’
अतिथि शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लगाते हुए कलेक्टर ने निमानी, गौरिहार, बाजना और कुटौरा के अतिथि शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्हें भविष्य के लिए ‘ब्लैक लिस्ट’ कर दिया गया है, ताकि वे दोबारा किसी भी शासकीय स्कूल में सेवाएं न दे सकें।
निजी स्कूलों पर शिकंजा: 41 स्कूलों को नोटिस
सरकारी तंत्र के साथ-साथ निजी स्कूलों की मनमानी पर भी कार्रवाई की गई है। कक्षा 5वीं के 14 और कक्षा 8वीं के 27 ऐसे निजी स्कूल जिनका रिजल्ट 50% से कम रहा है, उनकी मान्यता समाप्त करने हेतु नोटिस जारी किए गए हैं।
पहली कक्षा में शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य
कलेक्टर ने केवल रिजल्ट ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के भविष्य पर भी ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने बड़ामलहरा और ईशानगर बीईओ को ‘चाइल्ड ट्रैकिंग ऐप’ के माध्यम से बच्चों को ट्रैक करने और पहली कक्षा में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने शिक्षकों को उन परिवारों से सीधा संवाद करने को कहा है जिनके बच्चे परीक्षा में अनुपस्थित रहे।
