
छतरपुर। जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम तालगाँव में एक वृद्ध विधवा महिला की मेहनत की फसल पर उसके ही परिवार के दबंगों ने कब्जा कर लिया। न्याय की आस खो चुकी पीड़ित महिला ने अब पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है।
अकेलेपन का फायदा उठा रहे दबंग
पीड़िता गेंदा बाई पटेल ने बताया कि उनके पति और पुत्र दोनों का निधन हो चुका है। वह गाँव में अकेली रहकर खेती के जरिए अपना जीवन यापन करती हैं। इसी अकेलेपन का फायदा उठाकर उनके परिवार के ही रामस्वरूप पटेल, मुन्नीलाल पटेल, खूबचंद्र और अन्य सदस्यों ने उनकी तैयार खड़ी फसल को जबरन काट लिया और लूट ले गए।
“मेरे पास जीने का एकमात्र सहारा यह खेती ही है, उसे भी इन लोगों ने छीन लिया। जब मैंने अपने भतीजे को मदद के लिए बुलाया, तो उन्होंने हम दोनों को जान से मारने की धमकी दी।” — गेंदा बाई, पीड़िता
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
इस मामले में सबसे विचलित करने वाला पहलू स्थानीय पुलिस का रवैया है। पीड़िता का आरोप है कि:
राजनगर थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
आरोपियों ने थाने में अपना जुर्म कबूल किया, फिर भी उन्हें छोड़ दिया गया।
महिला ने सीधा आरोप लगाया है कि पुलिस दबंगों को संरक्षण दे रही है और न्याय दिलाने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
न्याय की गुहार
थक-हारकर वृद्ध महिला ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुँचकर एक शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने मांग की है कि, उनकी लूटी गई फसल वापस दिलाई जाए, दबंगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो, उन्हें और उनके भतीजे महेंद्र पटेल को सुरक्षा प्रदान की जाए।
