
भोपाल। राजधानी भोपाल की संवेदनशीलता और वीआईपी सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर में रहने वाले किरायेदारों, पेइंग गेस्ट, घरेलू नौकरों, छात्रावासों में रहने वाले छात्रों तथा होटल-लॉज में ठहरने वाले लोगों की जानकारी अनिवार्य रूप से संबंधित लोगों को पुलिस को देने के लिए कहा है। प्रशासन का कहना है कि शहर में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के कारण बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है, जिसकी आड़ में आपराधिक तत्व, अवैध प्रवासी या कट्टरपंथी संगठन से जुड़े लोग भी ठिकाना बना सकते हैं।
पुलिस के अनुसार शहर में स्थित विभिन्न वीआईपी आवासों, महत्वपूर्ण संस्थानों और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा बनाए रखना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मकान मालिकों, पीजी संचालकों, छात्रावास प्रबंधन और होटल-गेस्ट हाउस संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों का रिकॉर्ड निर्धारित प्रारूप में रखें और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को उपलब्ध कराएं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने और किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
