नई दिल्ली | देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) को लेकर केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि पेपर लीक की गड़बड़ियों को जड़ से खत्म करने के लिए अगले साल से यह परीक्षा ओएमआर (OMR) शीट के बजाय ऑनलाइन यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के तौर पर आयोजित की जाएगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम अपनाने से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा बढ़ेगी और शिक्षा माफियाओं की साजिशों पर लगाम कसी जा सकेगी।
नीट-यूजी परीक्षा 2026 में हुई धांधली को स्वीकार करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि जांच में असली पेपर लीक होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग्य छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। हालिया गड़बड़ी को देखते हुए मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी गई है। मंत्री ने चेतावनी दी कि जो लोग परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने या भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें सख्त सजा भुगतनी होगी।
रद्द हुई परीक्षा के लिए नई तारीख 21 जून घोषित कर दी गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार ने राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को पूरी तरह लागू किया है और तकनीक के दौर में आ रही नई चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। आगामी परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि किसी भी होनहार छात्र का हक न छीना जा सके।

