लखनऊ 14 मई (वार्ता) उत्तर प्रदेश में बुधवार को 26 जिलों में आये चक्रवाती तूफान,अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली जनित हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 111 हो गयी है जबकि 72 घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। आपदा प्रबंधन नियंत्रण बोर्ड से गुरुवार देर शाम जारी आंकड़ों के अनुसार आंधी तूफान जनित हादसों का सबसे ज्यादा शिकार प्रयागराज के लोग हुये हैं जहां 21 लोगों ने अपनी जान गंवायी है जबकि मिर्जापुर में 19 और संत रविदास नगर में 16 लोग प्राकृतिक आपदा का शिकार बने। इसके अलावा फतेहपुर में 11,उन्नाव और रायबरेली में छह-छह,बदायूं में पांच, प्रतापगढ़ में चार, सीतापुर और सोनभद्र में तीन तीन लोगों की मृत्यु हुयी है। संभल,बहराइच,बरेली,चंदौली,हरदोई और कानपुर देहात में आंधी पानी के कारण हुये हादसे में दो-दो लोगों ने अपनी जान गंवायी है।
100 किमी प्रतिघंटा से अधिक रफ्तार से चली तूफानी हवाओं से सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गये जबकि दर्जनो बिजली के खंभे जमीन चूम गये। तूफान ने 227 परिवारों के आशियाने उजाड़ दिये जबकि 170 मवेशी भी अपनी जान गंवा बैठे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी, आकाशीय बिजली और अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुये सभी प्रभावित जिलों के प्रभारी मंत्रियों को पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।
योगी ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध करानी शुरू कर दी है। शासन स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि जरूरतमंदों तक सहायता समय पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को जो भी सहायता आवश्यक हो, उसे बिना देरी उपलब्ध कराया जाए।
