मुंबई, 14 मई (वार्ता) टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवीएल) को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में समेकित आधार पर 5,878 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
कंपनी ने निदेशकमंडल की यहां हुई बैठक के बाद गुरुवार को वित्तीय परिणामों की घोषणा की गयी। निदेशकमंडल ने प्रति इक्विटी शेयर तीन रुपये के लाभांश की भी घोषणा की है।
तिमाही के दौरान कंपनी का कुल समेकित राजस्व 1,07,080 करोड़ रुपये रहा।
टाटा मोटर्स ने पिछले साल 01 अक्टूबर को अपने यात्री वाहन और वाणिज्यिक वाहन कारोबारों को अलग-अलग कर दिया था। इसके बाद यात्री वाहनों का कारोबार टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के पास आ गया।
कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वह आने वाले समय में वैश्विक भू-राजनीतिक और नियामकीय चुनौतियों पर लगातार नजर रखेगी ताकि आपूर्ति श्रृंखला से संबंधित जोखिम और लागत दबावों को नियंत्रित किया जा सके।
टीएमपीवीएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी धिमान गुप्ता ने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 दो अलग-अलग चरणों वाला साल रहा। घरेलू कारोबार में जीएसटी 2.0 के बाद मजबूत गति देखने को मिली, जबकि जेएलआर (जगुआर लैंड रोवर) को आयात शुल्क और साइबर हमलों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। चौथी तिमाही में सभी वित्तीय संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ – जेएलआर का परिचालन सामान्य हुआ और घरेलू व्यवसाय ने अपनी सकारात्मक गति बनाये रखी।”
पूरे वित्त वर्ष के दौरान समेकित आधार पर कंपनी का कुल राजस्व 3,41,369 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस दौरान शुद्ध लाभ 82,645 करोड़ रुपये रहा। पूरे साल के दौरान जेएलआर का राजस्व 2,291 करोड़ पाउंड दर्ज किया गया।
चौथी तिमाही में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने इलेक्ट्रिक और यात्री वाहनों समेत कुल दो लाख एक हजार आठ सौ वाहन बेचे। यह सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की वृद्धि है।
