पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष हत्याकांड का खुलासा: मामा के बेटों ने स्कार्पियो से कुचलकर की थी हत्या

दमोह। सागर मार्ग पर देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर उम्र करीब 40 वर्ष की स्कार्पियो कार से कुचलकर हत्या के मामले का बुधवार शाम एसपी के द्वारा जबलपुर नाका स्थित कंट्रोल रूम में खुलासा कर दिया गया है.पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने खुलासा कर बताया कि इस मामले में मृतक देवेंद्र ठाकुर के ही रिश्ते के मामा के लड़के आरोपी के रूप में पकड़े गए हैं.इसके अलावा उनके चाचा का लड़का भी इसमें शामिल था. तीनों ने हत्याकांड को अंजाम दिया था. घटना के बाद यह लोग जबलपुर बाईपास पर अपनी कार छोड़कर भाग गए थे.

सीसीटीवी से खुला राज और पकड़े आरोपी

सीसीटीवी फुटेज में आरोपी भागते हुए दिखाई दिए.इसके बाद पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में उनकी खोजबीन शुरू की और नोहटा थाना क्षेत्र से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गुरुवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा और आगे की पूछताछ की जाएगी.

पुराना विवाद चल रहा था

बुधवार शाम दमोह एसपी आनंद कलादगी के द्वारा पूरे मामले का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि मृतक देवेंद्र ठाकुर जो भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष थे. उनके रिश्ते के मामा दुर्गेश राजपूत से वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद चल रहा था. इसी के चलते दुर्गेश के बेटे वैभव राजपूत, विशाल व उनके चाचा के लड़के अभिषेक राजपूत तीनों ने मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया. पहले यह एक्सीडेंटल मामला लग रहा था, लेकिन साक्ष्य मिलने के बाद इस मामले में हत्याकांड का खुलासा हुआ है.इस मामले में घटनास्थल के पास ही गन्ने की दुकान लगाने वाले दुकानदार और फल बेंच रही एक महिला ने भी घटना को देखा था. इसके अलावा वहां से निकल रहे ग्वालियर के कुछ लोगों ने भी हत्याकांड को देखा था. जिसकी सूचना डायल 112 को दी थी. जिसके बाद पुलिस ने सभी कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

किया गया पीछा-एसपी कलादगी

एसपी ने बताया की देवेंद्र अपनी बाइक से अपने गांव बरमासा गांव जा रहा था. तीनों आरोपी स्कॉर्पियो से आ रहे थे. उन्हें जानकारी लगी कि देवेंद्र बाइक से अकेला जा रहा था, तो उन्होंने सागर नाके के समीप पहले उसे पीछे से टक्कर मारी. जिससे देवेंद्र नीचे गिरकर घायल हो गया.उसके बाद फिर गाड़ी रिवर्स लेकर आए और ऊपर चढ़ा दी. स्कॉर्पियो को वैभव चला रहा था और विशाल बाजू से बैठा था अभिषेक पीछे बैठा था.

एक्सीडेंट नहीं हत्या की गई

दूसरी बार कार से कुचलने पर देवेंद्र की मौत हो गई. इसके बाद आरोपी कार लेकर जबलपुर बाईपास पर छोड़कर भाग गए. तीनों आरोपी वहां लगे सीसीटीवी फुटेज में भागते हुए दिखाई दिए. पुलिस घटनास्थल पहुंची और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों से बात की.जिसके बाद यह एक्सीडेंट नहीं हत्या का मामला सामने आया.

एएसपी और सीएसपी के नेतृत्व में टीम ने पाई सफलता

एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया और सीएसपी एचआर पांडे के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी अमित गौतम,चौकी प्रभारी सागर नाका विक्रम दांगी,नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी रोहित कुमार द्विवेदी, इमलिया चौकी प्रभारी रमाशंकर मिश्रा, एएसआई अकरम खान, प्र.आ.सतेंद दुबे, आरक्षक अखिलेश छारी, यशवंत राजपूत, राहुल राय, अरविंद पटैल मनीष पटैल, राजकुमार पटेल, शहवाज खान,अरूण गुर्जर, विमल छारी, सैनिक बबलू दुबे, सुनील तिवारी और टीम गठित की गई. जिसके बाद नोहटा थाना क्षेत्र से बुधवार दोपहर आरोपी वैभव राजपूत पिता दुर्गेश 27 वर्ष और उसके भाई विशाल राजपूत दुर्गेश 25 वर्ष बरमासा को गिरफ्तार कर लिया है.इसके अलावा अभिषेक राजपूत पिता नरेश बरमासा निवासी फरार चल रहा है.जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है. दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में विशेष रूप से साइबर सेल, जिले के और भी थाना प्रभारी और पुलिस टीम का विशेष योगदान रहा.

वर्चस्व की लड़ाई में हुई हत्या

एसपी ने बताया कि 2020 से इनके बीच वर्चस्व को लेकर लड़ाई की शुरुआत हुई. 2020 में मृतक देवेंद्र की तरफ से दुर्गेश राजपूत और उसके बेटे वैभव और विशाल पर एक मामला दर्ज कराया गया.इसके बाद 2021 में दुर्गेश पर बृजेश अहिरवार नामके युवक ने हमला किया था. जिसमें धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया. इस मामले में दुर्गेश फरियादी था, इसके बाद बृजेश अहिरवार की तरफ से दुर्गेश के ऊपर भी एक काउंटर केस दर्ज कराया गया. दुर्गेश को यह आशंका थी कि मृतक देवेंद्र के द्वारा अहिरवार परिवार को सपोर्ट किया जाता है और तभी से उनके बीच और अधिक विवाद की शुरुआत हुई. जिसमें यह विवाद हत्याकांड तक पहुंच गया. एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपी नए बस स्टैंड के पास अपनी कार छोड़कर भागे.वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. जिसमें आरोपी करीब 1 किलोमीटर दूर तक भागते हुए दिखाई दिए. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखी और इसके बाद आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज करने के बाद उनकी तलाश शुरू की गई.जिस गाड़ी से यह हत्या की गई है वह दुर्गेश राजपूत के नाम से रजिस्टर्ड है.पुलिस ने मुखबिर और साइबर सेल की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं इस मामले में यह जानकारी भी सामने आई है कि करीब 12 साल पहले मृतक देवेंद्र का भाई त्रिवेंद्र बरमासा गांव में सरपंच बना था.तभी से दुर्गेश और देवेंद्र के परिवार के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद की शुरुआत हुई. दुर्गेश को लगा यदि हम चुनाव लड़ते तो हम भी सरपंच बन जाते.उस समय तो कोई विवाद नहीं हुआ, लेकिन 2020 में उनके बीच विवाद शुरू हो गया. जिसमें चार मामले एक दूसरे के ऊपर दर्ज हुए. इसमें गवाही भी हो चुकी थी, लेकिन अंत में आरोपियों ने रेकी करने के बाद देवेंद्र ठाकुर की हत्या कर दी.

एसपी की सूझ-बूझता से 24 घंटे के भीतर खुलासा… प्रत्यक्षदर्शी ने बताई घटना

घटना का प्रत्यक्षदर्शी वहीं पर गन्ने की दुकान लगाने वाला एक दुकानदार था.जिसने यह पूरी घटना देखी है.जब पुलिस घटनास्थल पहुंची तो दुकानदार ने पुलिस को पूरी घटना बताई कि किस तरह इस घटना को अंजाम दिया है. आरोपी किस तरफ भागे हैं. इसके अलावा वहीं पर फल की दुकान लगाने वाली एक महिला ने भी घटना देखी थी. बताया गया है कि यह महिला तो घटना के बाद बेहोश तक हो चुकी थी.जिसके सिर परिवार के लोगों ने बाद में पानी डाला वह होश में आई. पुलिस के द्वारा सभी साक्ष्य एकत्रित करने के बाद 24 घंटे के अंदर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया है.

इस बात की भी चर्चा

वहीं इस बात की भी चर्चा है कि गांव का कोई व्यक्ति किसी लड़की को भगाकर ले गया था. जिसमें आरोपी पक्ष को यह अंदेशा था कि मृतक देवेंद्र के द्वारा सपोर्ट किया गया है. हालांकि इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस बात की चर्चा भी चल रही है.

क्षेत्र में की जाएगी पेट्रोलिंग-पुलिस अधीक्षक

एसपी श्री कलादगी ने बताया कि उन्हें जानकारी लगी है की बांसा इलाका काफी संवेदनशील है.यहां सबसे अधिक विवाद होते हैं. उन्होंने बताया कि अब जानकारी जुटाई जा रही है कि किन-किन लोगों में दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा है और कब से चल रहा है. ऐसे लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा यहां पेट्रोलिंग भी की जाएगी.साथ ही लोगों को विवाद से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा. उनका पूरा प्रयास रहेगा कि अब इस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे.

कार में रखे मिले लोहे के पाइप और डंडे

आरोपियों के द्वारा पहले से ही प्लानिंग की जा रही थी की देवेंद्र जब भी उन्हें कहीं मिलेगा, उसके साथ किसी प्रकार की कोई घटना को अंजाम दे देंगे. जिस कार से कुचलकर यह हत्या की गई है. उसके अंदर से पुलिस को डंडे और कुछ लोहे की रॉड भी मिली है. जिसे पुलिस ने साक्ष्य के रूप में भी जप्त किया है.

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