ताप्ती उद्गम स्थल पर मिली पौराणिक नक्काशी और स्तंभ, अतिक्रमणकारियों ने पहुंचाई क्षति

मुलताई। पवित्र नगरी मे सूर्यपुत्री मां ताप्ती नदी के मुल प्रवाह मार्ग की साफ-सफाई बुधवार को की गई, जिसमें ताप्ती उद्गम स्थल के गौमुख की भी सफाई की गई.

मुलरूप से मां ताप्ती जी उद्गम स्थल के गौ मुख से निकलती हैं एवं छोटे तालाब से होते हुए नदी का स्वरूप धारण करती हैं। बुधवार को सफाई कार्य के उपरांत अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। ताप्ती भक्त दिनेश कालभोर ने बताया निरीक्षण में पाया गया कि गौ मुख पौराणिक समय का प्राचीन निर्मित गोमुख है, जिसके आसपास लगे पत्थरों पर भी पुरानी नक्काशी विद्यमान है। गौमुख के समीप लगभग 8 फीट गहरी नहरनुमा नदी का प्रवाह मार्ग बना हुआ है, जो इस स्थल की प्राचीन संरचना और जल निकासी व्यवस्था को दर्शाता है।जहां स्लुज गेट स्थित है, वह भी बांध में बनने वाले गेट की संरचना जैसा प्रतीत होता है। जिस प्रकार गौमुख के आजू-बाजू स्तंभ बने हुए हैं, उसी प्रकार के स्तंभ मां ताप्ती जी के छोटे सरोवर में भी होने की जानकारी प्राप्त हुई।जानकारी के अनुसार कुछ लोगों द्वारा उन स्तंभों को तोड़कर वहां अतिक्रमण किया गया तथा इस प्राचीन धरोहर को क्षति पहुंचाई गई है। यह विषय अत्यंत गंभीर है और हमारी सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत से जुड़ा हुआ है।इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को शिकायत कर उचित जांच, संरक्षण एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी,जिससे मां ताप्ती उद्गम स्थल की प्राचीन धरोहर सुरक्षित रह सके।

 

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