भोपाल: अयोध्या बायपास चौड़ीकरण परियोजना के तहत अर्जुन नगर बस्ती पर प्रशासन, नगर निगम और एनएचएआई द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. दो दिन पहले जेसीबी से झुग्गियां हटाए जाने के बाद रहवासियों को लालपुरा गांव में जमीन आवंटित की गई, जहां उन्हें स्वयं मकान बनाकर रहने की व्यवस्था करनी होगी. हालांकि बस्तीवासी वहां जाने को तैयार नहीं हैं.
गलवार को करीब 30 महिला-पुरुष जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. बस्ती निवासी आरती शर्मा ने बताया कि वे 25-30 वर्षों से अर्जुन नगर में रह रहे थे और पहले प्रशासन ने उन्हें कान्हासैया में व्यवस्थित रूप से बसाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में लालपुरा भेज दिया गया. उनका कहना है कि वहां न पानी, न शौचालय और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं हैं. भीषण गर्मी में खुले में रहने से बच्चे बीमार हो रहे हैं.
रहवासियों ने बताया कि अर्जुन नगर के आसपास मजदूरी, मैकेनिक और घरेलू काम कर उनका जीवन-यापन चलता था, लेकिन लालपुरा में रोजगार के अवसर नहीं हैं. धन सिंह, रमेश सहित अन्य लोगों ने बच्चों की पढ़ाई और रोजी-रोटी को लेकर चिंता जताई. एडीएम प्रकाश नायक के कक्ष के बाहर भी महिलाएं जमीन पर बैठी रहीं और प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया.बस्तीवासियों ने कहा कि उनके पास झुग्गियों के पट्टे हैं, इसलिए उन्हें भी अन्य लोगों की तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाएं और लालपुरा के बजाय तैयार पीएम आवासों में बसाया जाए
