कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने एक ही दिन में रिकॉर्ड 16 पदक जीतकर इतिहास रचा। 13 स्वर्ण समेत 39 पदकों के साथ भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार का दिन भारतीय दल के लिए अब तक का सबसे यादगार साबित हुआ। भारत ने एक ही दिन में 16 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इन शानदार प्रदर्शनों की बदौलत भारत अब 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 39 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। भारत की इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान मुक्केबाजों का रहा, जिन्होंने रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक अपने नाम किए। इसके अलावा पैरा एथलेटिक्स, एथलेटिक्स और जूडो में भी भारत ने कई पदक जीते।
मुक्केबाजों ने रचा इतिहास
भारतीय मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सभी 10 फाइनल मुकाबलों में पदक जीते। सेमीफाइनल तक पहुंचे सभी भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्ण या रजत पदक अपने नाम किया।
महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 57 किलोग्राम वर्ग में जैसमीन लम्बोरिया ने उत्तरी आयरलैंड की मिकाएला वॉल्श को मात देकर स्वर्ण जीता।
महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घंघास ने कनाडा की मैरी-बाथूल अल-अहमदिएह को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की शैंटेल रीड को हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण जोड़ा।
बॉक्सिंग में हुई मेडल्स की बारिश
60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच ने नामीबिया के ट्रायगेन मॉर्निंग नडेवेलो को हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश पंघाल ने इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण डाला। महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में लवलीना बोरगोहाईं को ऑस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में जादुमणि सिंह फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हारकर रजत पदक जीतने में सफल रहे। वहीं 90 किलोग्राम से अधिक वर्ग में नरेंद्र बरवाल इंग्लैंड के डामर थॉमस से हारकर रजत पदक लेकर लौटे।
पैरा एथलेटिक्स में भारत का स्वर्ण-रजत डबल
पैरा एथलेटिक्स की पुरुष एफ-57 शॉट पुट स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। सोमन राणा ने 13.40 मीटर के अपने सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया। कैमरून के सेड्रिक अजामद्जी ने कांस्य पदक हासिल किया।
एथलेटिक्स में भी मिले अहम पदक
पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। वहीं सेल्वा प्रभु थिरुमरन ने 16.52 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने जीता।
पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने 13 मिनट 24.95 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को मात्र 0.04 सेकंड से पीछे छोड़ा। इस स्पर्धा का स्वर्ण ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन और रजत केन्या के माइकल किपलंगाट किपसांग ने जीता। महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को केवल 1 मिनट 7 सेकंड में इप्पोन के जरिए हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
कुछ खिलाड़ियों का अभियान पदक से चूका
पुरुषों के 81 किलोग्राम जूडो वर्ग में हर्ष तोकस ने रेपेचेज मुकाबला जीतकर कांस्य पदक की उम्मीद बरकरार रखी, लेकिन कांस्य मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के केइशिन ओची से हार गए। वहीं 90 किलोग्राम वर्ग में करणजीत सिंह मान रेपेचेज में स्कॉटलैंड के स्कॉट कुसाक से हारकर बाहर हो गए। महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग में इनुंगनबी ताखेल्लामबम भी रेपेचेज मुकाबले में इंग्लैंड की जेमिमा येट्स-ब्राउन से हार गईं।
साइक्लिंग और बॉल्स में निराशा
ट्रैक साइक्लिंग में डेविड बेकहम एलकटोहचूंगो, रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम और रोजित सिंह स्प्रिंट क्वालिफिकेशन से बाहर हो गए। वहीं दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों पुरुषों की 10 किलोमीटर स्क्रैच रेस क्वालिफिकेशन पूरी नहीं कर सके।
बॉल्स में भी भारत का अभियान समाप्त हो गया। पुरुष युगल टीम के नवनीत सिंह और दिनेश कुमार इंग्लैंड से हारकर बाहर हो गए, जबकि महिला एकल वर्ग में नयनमोनी सैकिया दक्षिण अफ्रीका की ब्रिजेट हर्सलमैन से हार गईं।
आखिरी दिन और बढ़ सकती है पदकों की संख्या
कॉमनवेल्थ गेम्स का समापन रविवार को होगा। भारत की नजर अब अंतिम दिन पदकों की संख्या बढ़ाने पर रहेगी। ट्रैक साइक्लिंग में दिनेश कुमार, हर्षवीर सिंह सेखों, रोनाल्डो सिंह लैतोंजाम और लीशा दास चुनौती पेश करेंगे। वहीं जूडो में ईशरूप नरंग, अवतार सिंह और यश घंघास से भी देश को पदक की उम्मीद रहेगी।
