जबलपुर: नगर निगम के सफाई ठेके में काम पर लगाए गए सफाई मित्रों एवं विभिन्न विभागों में काम पर लगाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों के आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण का विरोध अब सड़कों पर नजर आ रहा है। पूर्व विधायक विनय सक्सेना के नेतृत्व में मंगलवार को मालवीय चौक से विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान महिला नेत्रियों ने भी हाथों में मोमबत्ती लेकर प्रतीकात्मक विरोध जताया।
इस मशाल जुलूस में कांग्रेस पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ सफाई ठेका कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मी की बड़ी तादाद मौजूद थी। सभी कर्मचारियों ने शासकीय नियमों और ठेका नियम शर्तों के मुताबिक अपने अधिकारों की रक्षा की आवाज़ बुलंद की और नगरनिगम में ठेकेदार, अफसरों और सत्ताधीशों के बीच सांठगांठ और शोषण के खेल को उजागर किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने बताया है कि कर्मचारियों को कलेक्टर गाइड लाइन के हिसाब से न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही बल्कि आज भी उनकी दिहाड़ी 220 रुपये मात्र है? सिर्फ इतना ही नहीं नगर निगम ठेकेदार को 30 दिन का वेतन दे रहा है मगर ठेकेदार कर्मचारियों मात्र 26 दिन की मजदूरी ही दे रहा है? नियम अनुसार कर्मचारियों के पीएफ और ईएसआईसी की राशि भी ठेकेदार द्वारा जमा नहीं की जा रही जिससे भविष्य में भी कर्मचारियों को कोई लाभ या सहायता मिलने वाली नहीं है?
