नयी दिल्ली, 11 मई (वार्ता) आम आदमी पार्टी (आप) ने देशभक्ति के नाम पर लोगों को पेट्रोल, डीजल, खाने का तेल, गैस काम इस्तेमाल कम करने की सलाह देने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही वह लोगों को पेट्रोल, डीजल, गैस, तेल का इस्तेमाल कम करने और सोना नहीं खरीदने का ज्ञान देने लगे हैं। आप के वरिष्ठ नेता एवं सांसद संजय सिंह ने आज कहा कि रविवार को प्रधानमंत्री ने कहा कि दो महीने से सरकार जनता का बोझ उठा रही थी लेकिन अब चुनाव खत्म हो गया है तो अब वे बोझ नहीं उठाएंगे। पांच राज्यों का चुनाव जब तक हो रहा था, तब तक उन्होंने जनता का बोझ उठा लिया। अब वह कह रहे हैं कि पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम कीजिए। एक साल तक कोई भी शादी या समारोह हो तो सोना न खरीदिए और खाने के तेल का भी इस्तेमाल कम कीजिए। यह सारा ज्ञान चुनाव भर प्रधानमंत्री को याद नहीं आया। तब वह कह रहे थे कि कोई कमी नहीं है, पूरा भंडार भरा हुआ है और कोई समस्या नहीं है। लेकिन जैसे ही पांच राज्यों के चुनाव खत्म हुए, नरेन्द्र मोदी के कंधे झुक गए।
श्री सिंह ने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद श्री मोदी ने व्यवसायिक सिलेंडर का दाम 993 रुपए बढ़ा दिया, जिसे रेहड़ी वाले, चाय वाले और छोटी-छोटी दुकान वाले इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का दाम भी 261 रुपए बढ़ा दिया गया, जिसे छात्र, मजदूर और झुग्गियों में रहने वाले गरीब लोग इस्तेमाल करते हैं। प्रधानमंत्री लगातार जनता पर इस तरह से महंगाई का बोझ डालते जा रहे हैं। देश को सोचना होगा कि उसे कब होश आएगा और वह कब इन सवालों पर सरकार से जवाब मांगेगा? आप नेता ने कहा कि चुनाव भर जनता का इस्तेमाल किया जाता है। कभी उनके खाते में 10 हजार रुपए डाल दिए जाते हैं और उसके बाद पटना की सड़कों पर नौजवानों को डंडों से पीटा जाता है। चुनावों में जनता से कहा जाता है कि न तेल की कमी है और न गैस की, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गैस के दाम बढ़ा दिए जाते हैं। जनता को सलाह दी जा रही है कि तेल का इस्तेमाल कम करें और इस सबको देशभक्ति से जोड़ दिया जाता है। जनता महंगाई में रहे, सोना न खरीदे, विदेशों की यात्रा न करे। इन सबको देशभक्ति बताया जा रहा है।

