सीधी: पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं एसडीओपी चुरहट रवि प्रकाश कौल के मार्गदर्शन में थाना कमर्जी पुलिस द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वरिगवा में महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा सामाजिक जागरूकता विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित आशा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, सीएससी लोकसेवक एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग एवं डिजिटल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तारपूर्वक प्रदान की गईं।
इसके साथ ही महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर संवाद करते हुए बालिकाओं की सुरक्षा, गुड टच एवं बैड टच, जन्म पंजीयन एवं संबंधित अभिलेखों के उचित संधारण के संबंध में भी जागरूक किया गया। शासन द्वारा संचालित “अभिमन्यु, सृजन एवं सम्मान” अभियान के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं एवं बच्चों के संरक्षण तथा सामाजिक सहभागिता की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला के दौरान थाना कमर्जी पुलिस द्वारा यह विशेष रूप से बताया गया कि आशा कार्यकर्ता एवं सीएससी लोकसेवक समाज के सबसे महत्वपूर्ण जमीनी स्तर के प्रतिनिधि हैं, जो घर-घर जाकर महिलाओं एवं बच्चों से सीधे संपर्क में रहते हैं। ऐसे में यदि इन्हें महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण एवं साइबर जागरूकता से संबंधित विषयों की जानकारी होगी तो वे सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। पुलिस की यह पहल जनजागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है।
कार्यक्रम में उप निरीक्षक इंद्राज सिंह द्वारा उपस्थित सभी प्रतिभागियों को जनअपेक्षाओं के अनुरूप संवेदनशील, जिम्मेदार एवं सजग व्यवहार अपनाने हेतु प्रेरित किया गया तथा पुलिस एवं समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। इस अवसर पर महिला आरक्षक अंजली कुशवाहा, स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ, आशा कार्यकर्ता, सीएससी लोकसेवक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने बताया कि महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति आमजन को जागरूक करने हेतु जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे
