
बालाघाट। जिले में धान की कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर की गई जांच में तीन राइस मिलों से 23,808 क्विंटल धान गायब पाया गया, जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ 47 लाख 58 हजार रुपए है। यह धान खरीफ वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित किया गया था, जिसे अनुबंधित मिलर्स को चावल बनाकर शासन को लौटाना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
भौतिक सत्यापन के दौरान खैरलांजी की माता रानी राइस मिल, लांजी की माँ पूर्णा राइस मिल और लालबर्रा की माँ कमला देवी राइस मिल में धान का स्टॉक नहीं मिला। जांच में अफरा-तफरी की पुष्टि होने पर तीनों मिल संचालकों विवेक मिश्रा, विवेक मस्करे और सुधीर तिवारी के खिलाफ अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच खाद्य व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम कर रही है।
