
छतरपुर। भारतीय जनता पार्टी ने नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। इस सूची में छतरपुर जिले की दो बहुओं को शामिल किया गया है। पार्टी ने नंदिता पाठक को प्रदेश उपाध्यक्ष और अर्चना सिंह को प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी है। इसे पार्टी की प्रदेश स्तर पर राजनीतिक संतुलन साधने और महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस कदम से न केवल छतरपुर, खजुराहो और टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत किया है, बल्कि संगठन में ओबीसी प्रभाव और क्षेत्रीय समीकरणों को भी साधा है।
नंदिता पाठक: संघ पृष्ठभूमि और निष्पक्ष छवि से मिली पहचान
छतरपुर मूल की नंदिता पाठक, जिनकी कर्मभूमि चित्रकूट है, भाजपा की नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के रूप में शामिल हुई हैं। नाना जी देशमुख की दत्तक पुत्री मानी जाने वाली नंदिता की पहचान एक सशक्त और निष्पक्ष महिला नेता के रूप में है। महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष के तौर पर वे खजुराहो लोकसभा क्षेत्र में सक्रिय रहीं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, वे भाजपा के वरिष्ठ नेता वीडी शर्मा के करीबी मानी जाती हैं।
अर्चना सिंह: वापसी से स्थानीय समीकरणों में बदलाव के संकेत
छतरपुर की पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अर्चना सिंह को भाजपा प्रदेश मंत्री बनाकर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह स्थानीय गुटबाजी को संतुलित कर रही है। अर्चना सिंह को केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार का करीबी माना जाता है, जबकि उनके पति गुड्डू सिंह पूर्व में वीडी शर्मा गुट से असहमति के कारण हाशिए पर थे। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अर्चना और उनके पति की स्थानीय राजनीति में सक्रियता फिर बढ़ने की संभावना है।
