पिता और बहन की हालत गंभीर, माधवगढ़ क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आने से हुआ हादसा
सतना:उर्वरक का कूपन लेकर लेकर वापस लौट रहा परिवार सड़क हादसे का शिकार हो गया. माधवगढ़ क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आ जाने के कारण एक ओर जहां बाइक सवार युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वहीं दूसरी ओर पिता और बहन गंभीर तौर पर घायल हो गए.सतना रीवा मार्ग पर शहर से सटे माधवगढ़ क्षेत्र में गुरुवार को गंभीर सड़क हादसा सामने आया. प्राप्त जानकारी के अनुसार कृपालपुर क्षेत्र का निवासी 18 वर्षीय युवक पूरन मल्लाह अपने पिता रघुनंदन मल्लाह उम्र 55 वर्ष और बहन गीता मल्लाह उम्र 18 वर्ष को लेकर गुरुवार की सुबह घर से निकला था.
दरअसल किसान पिता रघुनंदन को अपनी खेती के लिए उर्वरक की आवश्यकता थी. जिसके लिए आईटीआई के निकट स्थित उर्वरक वितरण केंद्र में पहुंचकर पर्ची प्राप्त करना था. जिसके लिए परिवार के तीनों सदस्य मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकले थे. आईटीआई के निकट स्थित उवर्रक वितरण केंद्र में पहुंचकर कूपन प्राप्त होने के बाद तीनों वापस लौटने लगे. मोटरसाइकिल को पूरन चला रहा था. बताया गया कि जैसे ही उनकी बाइक माधवगढ़-पुरनिया मार्ग पर अंबेडकर विद्यालय के निकट पहुंची वैसे ही पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया. इस घटना के चलते बुरी तरह चपेट में आए पूरन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
इतना ही नहीं दुर्घटना होने पर रुकने के बजाए चालक ने ट्रक को आगे बढ़ाते हुए घायल रघुनंदन और गीता को भी अपनी चपेट में ले लिया, और उसके बाद वहां से भाग निकला. घटना की जानकारी होने पर आस पास के लोग भाग कर मौके पर पहुंचे. पुलिस को सूचना दिए जाने के साथ ही घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और आस पास के लोग भागते हुए अस्पताल पहुंचे. जहां पर पूरन की मौत की खबर सामने आते ही उनके बीच कोहराम मच गया. इस मामले में पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज कर दुर्घटनाकारित करने वाले ट्रक चालक की जानकारी जुटाई जा रही है.
पिता का रीवा में इलाज जारी
अस्पताल पहुंचने पर एक ओर जहां पूरन को मृत घोषित कर दिया गया. वहीं बुरी तरह घायल रघुनंदन और गीता का उपचार शुरु हुआ. लेकिन रघुनंदन की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए आगे के उपचार के लिए मेडिकल कालेज रीवा रेफर कर दिया गया. जहां पर उसका उपचार जारी है. लेकिन हालत स्थिर बनी हुई है. वहीं गंभीर तौर पर घायल गीता का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है. घटना से पीडि़त परिजनों के सामने भी जबरदस्त धर्म संकट की स्थिति बनी रही. एक ओर जहां उनके ऊपर मृत पूरन का अंतिम संस्कार करने की जिम्मेदारी थी. वहीं दूसरी ओर अस्पताल में इलाजरत रघुनंदन और गीता का ध्यान भी उन्हें ही रखना था.
