जयपुर, 22 सितंबर (वार्ता) यूपी योद्धा के सहायक कोच उपेंद्र मलिक ने कहा है कि टीम को पिछली हार पर ध्यान न देते हुए आगे बढ़ने की जरूरत हैं। यूपी योद्धा सोमवार को जयपुर के एसएमएस इंडोर स्टेडियम में तमिल थलाइवाज से मुकाबला करेंगे।
यूपी योद्धा का अब तक का अभियान मुश्किल रहा है, उन्होंने अपने छह मैचों में केवल चार अंक ही जुटाए हैं। वे लगातार चार मैच हारे हैं और अगर उन्हें अपना सीजन जारी रखना है तो उन पर जल्द से जल्द स्थिति बदलने का दबाव है।
सहायक कोच उपेंद्र मलिक ने स्वीकार किया कि हालिया नतीजे टीम के लिए कठिन रहे हैं, लेकिन उन्होंने शिविर के भीतर सकारात्मक माहौल बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। बंगाल वॉरियर्स से हार के बाद मलिक ने कहा, “एक कोच के तौर पर, यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि टीम सकारात्मक सोच में रहे, खासकर मुश्किल दौर में। खिलाड़ियों को यह विश्वास होना चाहिए कि हर नया मैच एक नया अवसर है। पिछली हारों पर ध्यान देने से कोई फायदा नहीं होगा, इसलिए हमारा ध्यान हमेशा आगे बढ़ने पर है।”
वॉरियर्स के खिलाफ मैच को याद करते हुए, मलिक ने बताया, “हमारी शुरुआत अच्छी रही और शुरुआती दौर में हमारे डिफेंस ने जिस तरह से काम किया, उससे मैं खुश हूँ। लेकिन जब मैच नज़दीकी दौर में होता है, तो धैर्य ही सबसे ज़रूरी होता है। कुछ मौकों पर हम थोड़ा संयम खो बैठे और उन गलतियों की वजह से हमें अंक गँवाने पड़े। अगर हमने थोड़ा और अनुशासन और संयम दिखाया होता, तो मैच हमारे पक्ष में जा सकता था।”
मलिक ने कहा कि पीकेएल जैसी प्रतिस्पर्धी लीग में निरंतरता और एकाग्रता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “आप केवल कुछ हिस्सों में अच्छा खेलकर जीत की उम्मीद नहीं कर सकते, चाहे वह पांच, 10 या 20 मिनट ही क्यों न हों। कबड्डी में पूरे 40 मिनट तक खेल पर ध्यान केंद्रित रखना ज़रूरी है। डिफेंस और ऑफेंस, दोनों को पूरे समय एक साथ काम करना होगा। एक भी चूक मैच का रुख बदल सकती है। इसलिए मैं खिलाड़ियों से कहता रहता हूं कि भले ही हमने कुछ हिस्सों में अच्छा खेला हो, लेकिन अगर हम हार गए तो यह मायने नहीं रखता। हार तो हार है, और हमें इसे स्वीकार करना होगा। अहम मौकों पर धैर्य की कमी ही उस मैच का अंतर थी।”

