रोम, 09 मई (वार्ता) अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित करने की ईरानी कोशिशों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र (संरा) सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चेतावनी दी कि यदि ईरान को इस अहम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर नियंत्रण की अनुमति दी गयी तो यह ‘खतरनाक और अवैध’ वैश्विक मिसाल बन जाएगी। श्री रुबियो ने इटली के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका परमाणु वार्ता पर ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है और उसे उम्मीद है कि इससे गंभीर कूटनीतिक प्रक्रिया का रास्ता खुलेगा। उन्होंने कहा, “ हमें आज कुछ जानकारी मिल जानी चाहिए। उम्मीद है कि यह ऐसा जवाब होगा जो गंभीर बातचीत की दिशा में ले जाएगा।” श्री रुबियो ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास “अवैध और अस्वीकार्य” है। उन्होंने कहा, “यदि दुनिया यह स्वीकार करने को तैयार है कि ईरान अब एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को नियंत्रित करेगा, तो फिर तैयार रहिए, क्योंकि इसके बाद 10 अन्य देश भी अपने-अपने जलमार्गों में ऐसा ही करने लगेंगे।” उन्होंने कहा कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में ऐसा प्रस्ताव लाने जा रहा है जिसके जरिए सुरक्षा परिषद यह स्पष्ट करेगी कि दुनिया ईरान को जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने या उस पर नियंत्रण स्थापित करने की अनुमति नहीं देगी।
श्री रुबियो ने कहा कि यह प्रस्ताव रूस और चीन की स्थिति को भी स्पष्ट कर देगा। उन्होंने कहा, “यदि रूस, चीन या कोई अन्य देश इसे वीटो करता है, तो दुनिया समझ जाएगी कि समाधान में बाधा कौन है।” उन्होंने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी में बड़ी मात्रा में मानवीय सहायता फंसी हुई है, जिसे बाहर निकाला जाना जरूरी है। श्री रुबियो ने कहा, “ मूल सवाल हर देश को खुद से पूछना चाहिए कि क्या वह किसी एक देश द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर नियंत्रण के दावे को सामान्य मानने के लिए तैयार है। यदि ऐसा हुआ तो यह मिसाल दुनिया के कई अन्य हिस्सों में दोहराई जाएगी।” उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया और कहा कि ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ समाप्त होने के बावजूद अमेरिका अपने जहाजों पर हमलों का जवाब देता रहेगा। श्री रुबियो ने कहा, “ चार यदि कोई हमारे विध्वंसक जहाज पर ड्रोन या मिसाइल दागता है, तो हम क्या करें? उसे लगने दें?” उन्होंने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य अमेरिकी हितों एवं सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ईरान के लिए अमेरिकी “रेड लाइन” पर श्री रुबियो ने कहा, “यदि वे अमेरिकियों को धमकी देंगे, तो उन्हें उड़ा दिया जाएगा। इससे ज्यादा स्पष्ट और क्या कहा जा सकता है?”

