​युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष की रेस: किसका होगा राजतिलक? शुजालपुर और कालापीपल के बीच फंसा पेंच

शाजापुर: तमाम मोर्चा प्रकोष्ठ, निगम के बाद अब युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष की ताजपोशी की बारी है. चूंकि युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शाजापुर से ही हैं, ऐसे में जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष का चयन इस बार शुजालपुर और कालापीपल से होगा. कोर कमेटी ने चार नाम दिए हैं, हृदेश मेवाड़ा, जुझारसिंह राजपूत, अर्जुनसिंह, युवराज रामडिय़ा के नाम चर्चा में हैं. अब देखना यह है कि जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा का पद किसके खाते में जाता है.

गौरतलब है कि युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष को लेकर यूं तो कई दावेदार हैं लेकिन जिले की कोर कमेटी ने जो नाम दिए हैं उसमें से उच्च शिक्षा मंत्री हृदेश सिंह मेवाड़ा के पक्ष में नजर आ रहे हैं तो वहीं कालापीपल से जुझारसिंह राजपूत व युवराज रामडिय़ा का नाम भी चर्चा में है. शाजापुर विधानसभा से कोई भी दावेदार का नाम चर्चा में नहीं है, अब देखना यह है कि इस बार जिला युवा मोर्चा का अध्यक्ष शुजालपुर विधानसभा से बनता है या कालापीपल विधानसभा से. हालांकि पिछले एक दशक से श्याम टेलर को छोडक़र अभी तक जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष शुजालपुर को ही मिलता रहा है. अब कोर कमेटी में तो इन्हीं नामों की चर्चा है, इसके अलावा भी अगर आम सहमति नहीं बनी तो कोई चौंकाने वाला नाम आ सकता है.
अभी तक ये लोग बने हैं युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष
शाजापुर और आगर जिले को मिलाकर अभी तक युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष में जो प्रमुख नाम हैं उनमें नरेश तंवर, अशोक नायक, अरूण भीमावद, उदयसिंह यादव, प्रदीप सोनी, सोनू नेमा, सुनील देथल, श्याम टेलर शामिल हैं. जब शाजापुर व आगर जिला एक हुआ करता था तो आगर जिले से प्रदीप सोनी युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष बने, उदयसिंह यादव को भी कमान मिली. इसके अलावा शाजापुर जिला मुख्यालय से नरेश तंवर और अरूण भीमावद के बाद श्याम टेलर बने. शुजालपुर की बात करें तो सुनील देथल और सोनू नेमा मोर्चा जिलाध्यक्ष बन चुके हैं. अब केवल कालापीपल विधानसभा ही ऐसी रही कि जहां से कोई भी जिलाध्यक्ष नहीं बना. अब देखना यह है कि इस बार कालापीपल विधानसभा से कोई जिलाध्यक्ष बनता है या शुजालपुर से.
भाजपा भेजेगी नामों की पैनल, सहमति नहीं बनी तो सीधे भी हो सकती है ताजपरेशी वैसे भाजपा में प्रकोष्ठ या मोर्चा के पदाधिकारियों के लिए तीन नाम की पैनल भेजी जाती है. कोर कमेटी में जो नाम चर्चा में आए हैं यदि इन्हीं की पैनल आम सहमति से गई तो इनमें से कोई एक जिलाध्यक्ष बन सकता है वहीं यदि भाजपा नेताओं की आपसी सहमति नहीं बनी तो कोई चौंकाने वाला नाम भी मोर्चा जिलाध्यक्ष के रूप में आ सकता है. अब देखना यह है कि कोर कमेटी के नामों की घोषणा होती है या फिर कोई नया नाम आ सकता है.
कोर कमेटी मेें आए नामों पर मोहर लगती है या नया नाम आएगा
भाजपा की कोर कमेटी में युवा मोर्चा को लेकर जो नाम आए हैं, अब उसको लेकर यदि आम सहमति बनती है तो कोर कमेटी के नामों पर मुहर लग सकती है और यदि इन नामों पर आम सहमति नहीं बनती है तो फिर कोई चौंकाने वाला नाम भी जिलाध्यक्ष पद के लिए मिल सकता है.

मंत्री परमार ह्रदेश मेवाड़ा के पक्ष में…
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा मंत्री और शुजालपुर विधायक इंदरसिंह परमार हृदेश मेवाड़ा के पक्ष में हैं. अब देखना यह है कि युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष शाजापुर को मंत्री कोटे से मिलता है या कालापीपल विधायक कोटे से. हालांकि कोर कमेटी में जो नाम चर्चा में है उनकी पैनल प्रदेश कार्यालय जाएगी, लेकिन पिछले अनुभव की बात की जाए तो श्याम टेलर जब युवा मोर्च जिलाध्यक्ष बने थे तो उनका पैनल में शाजापुर भाजपा ने नाम नहीं भेजा था. बाद में तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद नाम पैनल में जुडा था

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