
इंदौर. बाणगंगा इलाके में एक वकील को झूठे आरोपों में उलझाकर मोटी रकम वसूलने की साजिश सामने आई है. एक महिला और उसके दो साथियों ने अधिवक्ता की सामाजिक छवि खराब करने और फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
मामले में सामने आया कि कालिंदी गोल्ड सिटी स्थित एक कार्यालय में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता के पास एक व्यक्ति अपनी पत्नी से चल रहे विवाद को लेकर पहुंचा था. उसने पत्नी के कुछ आपत्तिजनक वीडियो दिखाते हुए उसे समझाने की गुहार लगाई. वकील ने महिला को ऑफिस बुलाकर कानूनी सलाह दी. बातचीत के दौरान महिला ने अपने पति के विरोधियों पर झूठा दुष्कर्म का केस दर्ज कराने को लेकर राय मांगी, जिस पर अधिवक्ता ने उसे ऐसा न करने की समझाइश दी. इसके कुछ दिन बाद 31 जनवरी को महिला ने अधिवक्ता को फोन कर पहले फीस की बात की, फिर अचानक धमकी देने लगी. उसने कहा कि उसके आपत्तिजनक वीडियो हटाए जाएं, नहीं तो वह ऐसा फंसाएगी कि समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे. बातचीत के बीच फोन महिला के साथी सागर के पास चला गया, जिसने गाली-गलौज करते हुए आरोप लगाया कि अधिवक्ता ने महिला के साथ गलत हरकत की है और इज्जत बचानी है तो 10 लाख रुपये देने होंगे. कुछ देर बाद एक अन्य युवक ओम विश्वकर्मा ने भी कॉल कर पैसे न देने पर जान से मारने और झूठे केस में फंसाकर करियर बर्बाद करने की धमकी दी. लगातार आ रहे कॉल और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अधिवक्ता ने बाणगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
