जबलपुर: बरगी बांध में 30 अप्रैल की शाम तेज आंधी चलने से खमरिया टापू के पास पर्यटकों से भरा क्रूज डूबने के मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल तेज कर दी है । शुक्रवार को मैकल रिसोर्ट के कर्मचारियों, जिम्मेदारों, चश्मदीदों समेत अन्य के बयान दर्ज किए गए। क्रूज चालक महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोड समेत कुल 15 लोगों के बयान दर्ज हुए है।विदित हो कि बरगी बांध में 30 अप्रैल को पर्यटकों ने खुशी-खुशी डबल डेकर क्रूज का लुत्फ उठाने पर्यटक बांध की सैर पर निकले थे।
क्रूज बांध की लहरों पर हिचकोले खाते हुए आगे बढ़ा, शाम शाम 5:50 बजेे अचानक आंधी चलने के बाद क्रूज हिलने लगा, निचले हिस्से में पानी भरने लगा। संतुलन बिगड़ा क्रूज एक तरफ झुका और शाम 6 बजे पानी में डूब गया था। क्रूज की कुल क्षमता 70 सीट थी। इस हादसे में आठ महिला, चार बच्चों सहित 13 व्यक्तियों की मौत हो गयी थी। रेस्क्यू ऑपरेशन कर 28 व्यक्तियों को बचा लिया गया था।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान क्रूज को बाहर निकाल लिया गया था और सर्चिंग कार्य के दौरान उसे टुकडो में काट दिया गया था। मामले में जिला न्यायालय ने संज्ञान लिया था। चालक सहित अन्य सदस्यों के खिलाफ बरगी थाना प्रभारी को दो दिनों में धारा 106 भारतीय न्याय संहिता 2023 और धारा 110 के तहत अपराध दर्जन आदेश दिया था। गुरूवार को पुलिस ने जिला न्यायालय में एफआईआर दर्ज करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह करते हुए आवेदन पेश किया गया था। आवेदन में कहा गया था कि घटना में मृत व्यक्तियों के संबंध में अलग-अलग मर्ग कायम कर जांच जारी है।
इसके अलावा प्रदेश सरकार ने घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। इसके साथ ही उच्च स्तरीय कमेटी भी दुर्घटना के सटीक कारण, तत्कालीन परिस्थितियों का विश्लेषण करने के साथ क्रूज़ संचालन से जुड़ी सभी प्रासंगिक नियमों व खामियों की जांच कर रही है। क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा चुकी है । होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित किया जा चुका है, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच किया गया है। अब हादसे के गुनहगारों पर एफआईआर की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने भी बयान दर्ज करने शुरू कर दिए है
