
जबलपुर। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कलेक्टर छतरपुर, एसडीएम लवकुशनगर, तहसीलदार चंदला सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। मामला महज लिमिटेशन के आधार पर प्रकरण निरस्त किए जाने के रवैये को चुनौती से संबंधित है।
याचिकाकर्ता छतरपुर निवासी राजेंद्र अहिरवार की ओर से अधिवक्ता शंभूदयाल गुप्ता व कपिल गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता की पैतृक संपत्ति और कृषि भूमि है। जिस पर वे करीब 40-50 वर्षों से काबिज हैं। 10-15 वर्ष पहले सह खातेदारों से आपसी बंटवारा हो गया था। सभी खातेदार आज भी उसी बंटवारे के अनुसार काबिज हैं। उक्त भूमि के सह खातेदार नत्थू द्वारा बंटवारा पेश कर पटवारी से सांठगांठ कर भूमि अपने नाम करवा ली गई। इसकी याचिकाकर्ता को जानकारी नहीं दी गई। जिसके बाद में एसडीएम के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया। एसडीएम ने चार वर्ष के विलंब के आधार पर मामला निरस्त कर दिया गया। इसके उपरांत कलेक्टर के समक्ष अपील की। कलेक्टर ने सुनवाई का अवसर दिए बिना प्रकरण निरस्त कर दिया, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
