
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायिक कर्मचारियों के वेतनमान से जुड़े मामले में गंभीरता दर्शाई है। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन को 14 मई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल हाईकोर्ट कर्मचारी किशन पिल्लई और 108 अन्य कर्मचारियों ने वर्ष 2016 में यह याचिका दायर की थी। जिसमें उच्च वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने को चुनौती दी गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल 2017 को आदेश पारित करते हुए कहा था यह मामला 27 जून 2015 से सरकार के समक्ष विचाराधीन है। अब चार सप्ताह के भीतर मामले का निपटारा किया जाए। आदेश का पालन नहीं होने पर 2018 में अवमानना याचिका दायर की गई। गत 26 मार्च को हाईकोर्ट ने आदेश के पालन में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सुनवाई में सरकार की ओर से बताया गया कि मुख्य सचिव इस तारीख पर उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन अगली सुनवाई पर वे कोर्ट में पेश होंगे।
