जबलपुर : बरगी बांध क्रूज हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जीवित बची महिला को उपचार के लिए गौर तिराहा स्थित नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां अस्पताल प्रबंधन ने लूट खसोट की। महिला से प्राथमिक उपचार देने के बाद शुल्क वसूल लिया । मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने एक्शन लेते हुए अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इस निजी अस्पताल पर नये मरीजों को भर्ती करने पर भी रोक लगा दी गई है।
जानकारी के अनुसार बरगी बांध क्रूज हादसे में घायल श्रीमती सविता शर्मा का रेस्क्यू हुआ था इसके बाद उ न्हें नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था । प्राथमिक उपचार के दौरान अस्पताल ने शुल्क वसूल लिया था। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जांच कर कारवाई के निर्देश दिये थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नवीन कोठारी ने बताया कि इस मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा श्रीमती सविता शर्मा को पेन किलर एवं टिटनस इंजेक्शन देने के बाद 4 हजार 700 रुपये का बिल प्रस्तुत किया गया था, जिसे उन्हें अपने परिजनों के माध्यम से जमा कराना पड़ा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार आपदा की स्थिति में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनसे शुल्क लेना पूर्णत: अनुचित है। नोबल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन का यह कृत्य आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के विरुद्ध पाया गया है।
एक माह के लिए लाइसेंस निलंबित, नोटिस जारी, सात दिन में देना होगा जवाब-
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि आपदा प्रबंधन समिति के निर्देशानुसार नोबल मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से एक माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं निर्धारित समयावधि में और संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।
उपचार के नाम पर ली राशि कराई वापिस
अस्पताल प्रबंधन से श्रीमती सविता शर्मा के परिजनों को प्राथमिक उपचार की ली गई राशि भी वापस करा दी गई है। डॉ कोठारी ने बताया कि अस्पताल को वर्तमान में भर्ती मरीजों का समुचित उपचार कर उन्हें विधिवत डिस्चार्ज करने एवं आगामी एक माह तक किसी भी नए मरीज को भर्ती नहीं करने के निर्देश भी दिये गये हैं।
