
भोपाल। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बुधवार को विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 56 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र और डिस्क देकर सम्मानित किया. प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया. पुलिस मुख्यालय के पुलिस ऑफिसर्स मेस में डायरेक्टर जनरल्स कमंडेशन रोल (डीजीसीआर) अवॉर्ड सेरेमनी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में डीजीपी मकवाणा ने कहा कि मप्र पुलिस विभाग ने अपनी स्थापना से अब तक की गौरवमयी यात्रा में प्रदेश में कानून व व्यवस्था, शांति, आपसी प्रेम, भाईचारे की परम्पराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने में अविस्मरणीय योगदान दिया है. पुलिस को इस मुकाम तक पहुंचाने में एक से बढ़कर एक जांबाज अधिकारियों एवं कर्मचारी की अहम भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि हमारे पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य पथ पर अडिग रहते हर प्रकार की चुनौतियों से लोहा लेते हुए अपराध पर नियंत्रण एवं नागरिक सुरक्षा के क्षेत्र में समर्पित भाव से जनसेवा की मिसाल कायम की है. प्रदेश में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी “देशभक्ति-जनसेवा” के सूत्रवाक्य को अपनाते हुए तत्परता से कार्य कर रहे हैं.
मकवाणा ने कहा कि पुलिस सदैव अपना कर्तव्य निभाने के लिए चुनौतियों के बीच कार्य करने के लिए तत्पर रहती है. ऐसे में अच्छा कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन कर उन्हें सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाना अत्यंत आवश्यक है. इस पुरस्कार को पाने वाले पुलिसकर्मीयों ने उत्कृष्टता की मिसाल पेश की है. प्रदेश के सभी पुलिसकर्मीयों को इनसे प्रेरणा लेना चाहिए.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 से अभी तक 971 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं डिस्क प्रदान कर सम्मानित किया जा चुका है. इस कार्यक्रम में सम्मानित 56 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के अतिरिक्त भी कई ऐसे पुलिसकर्मी हैं, जिन्होंने उत्कृष्ट कार्य किए हैं. मेरा सभी अधिकारियों से अनुरोध है कि ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों को चिन्हित कर अपनी-अपनी इकाई में पुरस्कृत किया जाए.
डीजीपी ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस विभाग सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने व कार्य वातावरण सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। जनहित में कार्य करते हुए आमजन का विश्वास मजबूत करें, फरियादियों की बात ध्यान से सुनें एवं अपराधियों को किसी भी हाल में न बख्शें। महिलाओं के प्रति अपराध रोकने में विशेष सतर्कता रखें, आत्ममूल्यांकन द्वारा कार्यक्षमता बढ़ाएं तथा सदैव निष्ठा व लगन से अपना कर्तव्य निभाएं।
माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप डीजीसीआर पुरस्कार की संख्या प्रतिवर्ष सौ के स्थान पर दो सौ की गई है।
शुरुआत हुई वर्ष 2023 से
डायरेक्टर जनरल्स कमंडेशन रोल (डीजीसीआर) प्रदान करना वर्दीधारी बलों की एक विशिष्ट परंपरा है, जिसमें बल का मुखिया अपने अधिकारी/कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उसके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सार्वजनिक रूप से सम्मान देते हुए अलंकरण प्रदान करते हैं. इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए वर्ष 2023 से इस अलंकरण को प्रदान करने के लिए एक भव्य समारोह का रूप दिया जा रहा है. इसके अंतर्गत समस्त चयनित अधिकारी/कर्मचारियों को ससम्मान पुलिस मुख्यालय आमंत्रित कर एक गरिमामयी समारोह में समस्त वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उक्त अलंकरण प्रदान किया जा रहा है. इसी कड़ी में मई 2024 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित अधिकारी/कर्मचारियों को डीजीसीआर अलंकरण प्रदान किया गया.
डीजीसीआर
डीजीसीआर प्रशंसनीय उपलब्धि प्राप्त करने वाले पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक म.प्र. की ओर से पुलिस महानिदेशक का प्रशस्ति पत्र डायरेक्टर जनरल्स कमंडेशन रोल (डीजीसीआर) प्रत्येक वर्ष में दो बार प्रदान किया जाता है.
