तिरुवनंतपुरम, 04 मई (वार्ता) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केरल विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के बाद संकेत दिया कि पार्टी जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर देगी।
श्री वेणुगोपाल ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस उचित विचार-विमर्श के बाद केरल के मुख्यमंत्री पर जल्द ही निर्णय लेगी। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा चुनाव के परिणामों को ‘असली केरल की कहानी’ करार दिया।
केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में श्री वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) की जीत मतदाताओं की ओर से भ्रष्टाचार, अहंकार, भाई-भतीजावाद और हिंसा की राजनीति को स्पष्ट रूप से नकारने का प्रतिबिंब है। उन्होंने इस जीत का श्रेय सामूहिक नेतृत्व और राहुल गांधी की प्रस्तुत घोषणापत्र में दी गयी ‘इंदिरा गारंटी’ को दिया।
चुनाव परिणामों को वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) के एक दशक के ‘अहंकारी कुशासन’ के खिलाफ जनता की कड़ी प्रतिक्रिया बताते श्री वेणुगोपाल ने दावा किया कि पारंपरिक वामपंथी समर्थकों के एक वर्ग ने भी यूडीएफ का समर्थन किया है। उन्होंने इस चुनावी सफलता के लिए श्रीमती प्रियंका गांधी, श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ, विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला सहित अन्य नेताओं के समन्वित प्रयासों को श्रेय दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि अनुशासित चुनाव प्रचार और उम्मीदवारों के रणनीतिक चयन ने आंतरिक मतभेदों को न्यूनतम स्तर पर रखा।
श्री वेणुगोपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोपों के कारण माकपा छोड़ने वाले नेताओं के यूडीएफ में शामिल होने से पार्टी को कन्नूर सहित वामपंथ के पारंपरिक गढ़ों में विस्तार करने में मदद मिली। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को उनके चुनाव क्षेत्र में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा। श्री टीपी चंद्रशेखरन की हत्या सहित राजनीतिक हिंसा की पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह जनादेश ऐसी प्रवृत्तियों के खिलाफ समाज की नैतिक प्रतिक्रिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और माकपा के मतदाताओं को धार्मिक आधार पर ध्रुवीकृत करने के प्रयासों को जनता ने नकार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को जो भी बढ़त मिली है, वह मुख्य रूप से माकपा के नुकसान की कीमत पर हुई है। शासन के विषय पर श्री वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि यूडीएफ बदले की राजनीति नहीं करेगी, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि गलत कार्यों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जायेगी।
उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री के चयन के लिए कांग्रेस के पास स्थापित तंत्र है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही निर्णय की घोषणा की जायेगी।
केरल के बाहर के घटनाक्रमों पर टिप्पणी करते हुए, उन्होंने तमिलनाडु में द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन को लगे झटके पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी इन परिणामों की समीक्षा करेगी। साथ ही, उन्होंने राज्य में चुनावी सफलता के लिए अभिनेता से नेता बने विजय को बधाई दी।
