
भोपाल। आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा उभरती चुनौतियों से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उच्च स्तरीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को रविंद्र भवन में समापन हुआ।
7 अप्रैल से 4 मई 2026 तक स्पेशल ब्रांच ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट परिसर में चले इस एक माह लंबे प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश की विभिन्न विशेष इकाइयों एटीएस, सीटीजी, बम निरोधक दस्ता, विशेष सशस्त्र बल तथा वीआईपी सुरक्षा से जुड़े 432 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि वर्तमान समय में सुरक्षा चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं, विशेषकर ड्रोन हमलों का बढ़ता खतरा गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में अत्याधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि यह पहल केंद्रीय गृह मंत्रालय की मध्यस्थता से एमपी पुलिस और एनएसजी के बीच हुए एमओयू के तहत की गई।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को क्लोज प्रोटेक्शन, काउंटर टेररिज्म, टैक्टिकल ड्राइविंग, बम निरोधक तकनीक, एंटी-ड्रोन ऑपरेशन, स्नाइपर कौशल, के-9 संचालन और पर्सनल सिक्योरिटी जैसे आठ प्रमुख क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
मकवाना ने एटीएस सहित अन्य विशेष इकाइयों की सराहना करते हुए कहा कि आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने नक्सलवाद पर नियंत्रण में प्रदेश की प्रगति का भी उल्लेख किया और भोपाल में आधुनिक सीटीजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के प्रयासों की जानकारी दी।
आगामी सिंहस्थ 2028 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस विशाल आयोजन के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित बल की अहम भूमिका होगी।
एनएसजी के ब्रिगेडियर शंकर तिवारी और कर्नल अभिषेक सिंह के नेतृत्व में प्रशिक्षकों की टीम ने आधुनिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रतिभागियों ने बताया कि इससे उनकी कार्यकुशलता, समन्वय और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
