अहदमदाबाद, 04 मई (वार्ता) पूर्व क्रिकेटर अंबाती रायडू का मानना है कि वरुण चक्रवर्ती ने पिच के मिजाज को भांपते हुए अपनी और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की वापसी को पटरी पर बनाए रखने के लिए सनाइजर्स हैदराबाद के खिलाफ बीच के ओवरों में अपनी गति धीमी कर ली।
रायडू ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “वरुण ने शुरू में थोड़ी तेज गति से गेंदबाजी शुरू की, और फिर जब उन्हें कुछ चौके-छक्के पड़े, तो उन्होंने बीच के ओवरों में अपनी गति धीमी कर ली। मुझे लगता है कि इस टूर्नामेंट में उन्होंने बहुत ही शानदार वापसी की है, अब वह क्रीज का बहुत अच्छे से इस्तेमाल कर रहे हैं, साथ ही गेंदबाजी के एंगल और अपनी गति का भी सही तालमेल बिठा रहे हैं। जब भी वह इस तरह की पिच पर धीमी गेंदबाजी करते हैं, तो उनके खिलाफ खेलना बिल्कुल भी आसान नहीं होता। मुझे लगता है कि उन्होंने, ख़ास तौर पर अपने स्पिनरों के साथ, गेंदबाजी की एक सही लेंथ ढूंढ़ ली है।”
एसआरएच के कोच डेनियल विटोरी ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, “चक्रवर्ती ने शुरुआती कुछ ओवरों में हमारे दबाव के बावजूद विकेट चटकाए; और टी-20 मैचों या आईपीए में विकेट लेना ही सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। पूरे मैच के दौरान केकेआर की टीम ने ठीक यही कमाल करके दिखाया।”
उन्होंने कहा, “उनके पास दो विश्व-स्तरीय स्पिनर हैं, जो लंबे समय से इस खेल में अपना जलवा बिखेर रहे हैं और केकेआर के लिए बेहद सफल साबित हुए हैं। इसके अलावा, जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती गई, पिच ने भी स्पिनरों का भरपूर साथ दिया। मुझे लगता है कि पिच की स्थिति के बजाय, गेंद के नरम पड़ने की वजह से ही स्पिनरों को ज़्यादा मदद मिल रही थी। हमारे पास एक मौका था कि हम उस मुश्किल दौर को किसी तरह पार कर लेते, ताकि जब स्पिनरों के ओवर पूरे हो जाते, तो हम आख़िरी चार-पांच ओवरों में मैच को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर पाते।” उन्होंने कहा, “लेकिन, ठीक अहम मौकों पर विकेट गंवाने और जिस तरह से हमने अपने विकेट खोए।जबकि हमारे पास उस मुश्किल दौर को पार करने का पूरा मौका था।उसने हमें मैच में काफ़ी पीछे धकेल दिया।”

