जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने राज्य शासन की अपील पर सुनवाई करते हुए सत्र न्यायालय का दोषमुक्ति आदेश निरस्त कर दिया। इसी के साथ हत्या के प्रयास के आरोपी छिंदवाड़ा निवासी अमित तुलस्यान को पांच वर्ष के कारावास व 25 हजार जुर्माने की सजा सुना दी।राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने पक्ष रखा।
उन्होंने दलील दी कि परतला छिंदवाड़ा निवासी सलीमुद्दीन अशर्फी का आरोप है कि पूर्व में भूमि के विवाद व पूर्व प्रकरणों में आपसी राजीनामा को लेकर आठ अप्रैल 2013 को शाम लगभग 7.30 बजे रेल्वे क्रासिंग परतला के पास गोली चलाई गई थी। पीछे से एक इंडिका गाड़ी आई जिसमें अमित तुलस्यान, चंद्रपाल सिंह, अंबिका हरिओम उर्फ गोलू, बंटी तिवारी, चुटिला और बोध सिंह मुख्य आरोपी बैठे हुये थे। पुरानी रंजिश के कारण अमित तुलस्यान ने गोली चलाई थी। हाईकोर्ट ने तर्क सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि हमलावर अमित तुलस्यान को सही नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए आरोपी अमित को बरी करने का फैसला निरस्त किया जाता है। राज्य की अपील स्वीकार की जाती है।
