वाशिंगटन, 02 मई (वार्ता) अमेरिका ने सहयोगी समुद्री देशों के गठबंधन के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) द्वारा प्रस्तावित नेट-जीरो फ्रेमवर्क (एनजेडएफ) का विरोध किया है। उसने तर्क दिया है कि यह एक वैश्विक कार्बन टैक्स के रूप में कार्य करेगा जो अमेरिकी उपभोक्ताओं, जहाजरानी उद्योगों और व्यापक आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। आईएमओ समुद्री पर्यावरण संरक्षण समिति के 84वें सत्र में, “अमेरिका फर्स्ट” नीतिगत दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे अमेरिकी राजनयिकों ने विवादित एनजेडएफ संरचना को अपनाने के बजाय वैकल्पिक प्रस्तावों पर चर्चा करने पर बल दिया। अमेरिका ने एनजेडएफ को दृढ़ता से खारिज कर दिया, इसे एक त्रुटिपूर्ण प्रस्ताव बताया जो वैश्विक नौवहन एवं ऊर्जा क्षेत्रों पर अत्यधिक लागत थोपेगा। इसके बजाय, अमेरिका ने सऊदी अरब, लाइबेरिया, पनामा और अर्जेंटीना सहित अन्. देशों के साथ मिलकर एक राजनयिक मार्ग को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किया, जो संशोधित उपायों पर केंद्रित है और वैश्विक कार्बन कराधान संरचना से बचने में सहायक होगा।
गठबंधन के प्रयासों के परिणामस्वरूप जापान, पनामा, अर्जेंटीना और लाइबेरिया द्वारा प्रस्तुत वैकल्पिक प्रस्तावों की आगे जांच करने के लिए एक कार्य समूह सत्र को मंजूरी दी गई। ये देश वैश्विक नौवहन टन भार का 30 प्रतिशत से अधिक का उपयोग करते हैं। बयान के अनुसार, यह घटनाक्रम मूल एनजेडएफ योजना के लिए घटते समर्थन को दर्शाता है और संशोधित अंतरराष्ट्रीय नौवहन नीतियों के लिए आगे का मार्ग खोलता है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय अमेरिकी श्रमिकों एवं व्यापारिक हितों की रक्षा करता है, साथ ही आईएमओ को वैश्विक समुद्री उत्सर्जन विनियमन के लिए अधिक “व्यावहारिक और आर्थिक रूप से संतुलित” समाधानों पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

