फ्लोरिडा, 02 मई (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को क्यूबा पर ‘तत्काल कब्ज़ा’ करने की घोषणा करते हुए संकेत दिया कि ‘ईरान के साथ मिशन पूरा होने’ के बाद अमेरिका इस कैरेबियाई राष्ट्र की ओर अपने नौसैनिक बेड़े भेज सकता है। श्री ट्रंप ने ये टिप्पणियां फ्लोरिडा में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कीं। इससे पहले उन्होंने क्यूबा सरकार और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ प्रतिबंधों का विस्तार करने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किये। श्री ट्रंप ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की हंसी के बीच कहा, “ क्यूबा नामक एक स्थान है, जिस पर हम लगभग तुरंत नियंत्रण कर लेंगे। क्यूबा की अपनी समस्याएं हैं। पहले हम एक काम खत्म करेंगे… मुझे पहले एक काम पूरा करना पसंद है। ”
उन्होंने अपनी पुरानी बातों को दोहराते हुए कहा कि क्यूबा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई ईरान के साथ जारी अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद की जा सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि अमेरिका द्वीप राष्ट्र (क्यूबा) के पास अपना एक विमानवाहक पोत तैनात कर सकता है। उन्होंने कहा, “ ईरान से वापसी के रास्ते में, हमारे पास अपने बड़े विमानवाहक पोतों में से एक होगा। शायद ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’, जो दुनिया में सबसे बड़ा है। हम उसे वहां भेजेंगे, जो तट से महज 100 गज की दूरी पर रुकेगा। वे (क्यूबावासी) कहेंगे, ‘आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। हम आत्मसमर्पण करते हैं।’ मुझे काम पूरा करना पसंद है। ”
इस बीच, व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक विस्तृत विवरण (फैक्ट शीट) में कहा गया है कि नये प्रतिबंधों का उद्देश्य कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन, शत्रुतापूर्ण ताकतों को समर्थन, आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए क्यूबा सरकार और उसके समर्थकों को जवाबदेह ठहराना है। व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, “ क्यूबा सरकार की नीतियां और कार्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक असामान्य और असाधारण खतरा बने हुए हैं। ये नीतियां स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाजों के नैतिक और राजनीतिक मूल्यों के भी विरुद्ध हैं। ”
ये प्रतिबंध क्यूबा के सुरक्षा तंत्र से जुड़े व्यक्तियों, संस्थाओं और भ्रष्टाचार या गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन में शामिल लोगों को लक्षित करते हैं। दूसरी ओर, क्यूबा सरकार ने इन प्रतिबंधों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘एकतरफा दमनकारी उपाय’ बताया है, जिसका उद्देश्य क्यूबा के लोगों को सामूहिक सजा देना है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज ने कहा कि ये उपाय संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हैं और अमेरिका को क्यूबा या किसी तीसरे देश पर प्रतिबंध लगाने का कोई अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह मेक्सिको, स्पेन और ब्राजील ने भी क्यूबा की ‘गंभीर स्थिति’ और वहां गहराते मानवीय संकट पर चिंता व्यक्त की थी। वहीं, अमेरिकी सीनेट ने उस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप को कांग्रेस की पूर्व स्वीकृति के बिना क्यूबा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने से रोकने का प्रावधान था।

